आरोप लगाने वाले कांग्रेस विधायक को पायलट ने भिजवाया लीगल नोटिस, लगाया था घूस का आरोप

राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट का कहना है कि उनके खिलाफ झूठे बयान दिए गए। पायलट ने कांग्रेस विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को कानूनी नोटिस भेजा है।

Sachin Pilot served a legal notice to Congress MLA Giriraj Malinga for bribery allegation
आरोप लगाने वाले कांग्रेस MLA को पायलट ने भिजवाया लीगल नोटिस 

मुख्य बातें

  • पायलट की ओर से विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को कानूनी नोटिस भेजा गया
  • विधायक मलिंगा ने लगाया था सचिन पायलट पर घूस देकर बीजेपी में शामिल होने की पेशकश का आरोप
  • पायलट ने कहा था कि मलिंगा से जानबूझकर दिलवाया गया बयान

जयपुर: सचिन पायलट पर 36 करोड़ रुपये घूस देने की पेशकश का आरोप लगाने वाले कांग्रेस विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को अब पायलट ने लीगल नोटिस भेजा है। पायलट का कहना है कि विधायक ने उनके खिलाफ झूठे और द्वेषपूर्ण आरोप लगाए हैं। कांग्रेस विधायक मलिंगा ने सोमवार को आरोप लगाया था कि तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने उनसे पार्टी छोड़कर भाजपा में जाने के बारे में चर्चा की थी और इसके लिए धन की पेशकश भी की थी। हालांकि पायलट ने इस आरोप को 'आधारहीन व अफसोसजनक' बताते हुए खारिज कर दिया और कहा था कि विधायक से यह बयान दिलवाया गया है और वह उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करेंगे।

क्या कहा था मलिंगा ने
गिरिराज मलिंगा ने कहा था, 'मेरे को दिसंबर के महीने में पेशकश की थी। मैंने उन्होंने क्लीयर कह दिया था मैं गहलोत के साथ हूं आपके साथ नहीं है। मैंने उनसे कहा कि ये पैसे लेकर बीजेपी में जाना गलत है। उन्होंने खुलकर कहा था बीजेपी में आने को। दोनों बार उनके घर पर बात हुई। सबके रेट एक है। मेरे पास इसके कोई सबूत नहीं है।' मलिंगा के अनुसार यह घटनाक्रम पंचायतों के परिसीमन के समय से पिछले छह सात महीने से चल रहा था।

हाईकोर्ट में हुई सुनवाई

आपको बता दें कि राजस्थान हाईकोर्ट ने मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष से कांग्रेस के बागी विधायकों के खिलाफ अयोग्यता नोटिस पर कार्रवाई 24 जुलाई तक टालने का आग्रह किया। अदालत शुक्रवार को सचिन पायलट और 18 बागी विधायकों की याचिका पर अपना फैसला सुनाएगी। मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महंती और न्यायमूर्ति प्रकाश गुप्ता की खंड पीठ ने मंगलवार को याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी की अंतिम दलीलें सुनीं और इसके बाद कांग्रेस के मुख्य सचेतक महेश जोशी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील देवदत्त कामथ का जवाब भी सुना।

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