राजस्थान कांग्रेस में गहराया सियासी संकट, गहलोत और पायलट के बीच आर-पार की जंग?

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 12, 2020, 05:05 PM IST

राजस्थान में सियासी संकट गहरा गया है। उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के दिल्ली में होने की खबर है और कहा जा रहा है कि वो किसी का फोन पिक नहीं कर रहे हैं।

राजस्थान कांग्रेस में गहराया सियासी संकट, गहलोत और पायलट के बीच आर-पार की जंग?

जयपुर: राजस्थान में सियासी संकट गहराता जा रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भले ही ताजा सियासी घटनाक्रम के लिए बीजेपी को दोषी ठहरा रहे हों लेकिन मामला बिल्कुल अलग है। इस बार उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच आर-पार की जंग तेज हो चली है। कहा जा रहा है कि सचिन पायलट जो इस समय दिल्ली में हैं वो किसी का फोन पिक नहीं कर रेह हैं और उनके खेमे के 24-25 विधायक दिल्ली या हरियाणा के होटलों में ठहरे हुए हैं।

पार्टी का अंदरुनी संघर्ष
पार्टी के बीच चल रहा यह अंदरूनी संघर्ष अभी खत्म होता हुआ नजर नहीं आ रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगातार विधायकों के साथ बैठक कर रहे हैं और आज रात 8 बजे उन्होंने अपने आवास पर सभी विधायकों की बैठक भी बुलाई है। हालांकि कांग्रेस के नेता से लेकर मंत्री तक सभी दावा कर रहे हैं कि राज्य सरकार को किसी तरह का खतरा नहीं है लेकिन हालात इतने आसान नजर नहीं आ रहे हैं।

विधायक ने कही ये बात
बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए एक विधायक जोगेंद्र सिंह अह्वाना ने टाइम्स नाउ से बात करते हुए कहा, 'सरकार को किसी तरह का खतरा नहीं और ये पूरे पांच साल चलेगी। हम सब लोग अभी मुख्यमंत्री जी से मिले हैं और मिलते रहते हैं। आज की तारीख में कोरोना से जो पूरे विश्व को खतरा है, उसको लेकर हमने चर्चा की और क्षेत्र के विकासे के लिए चर्चा की।' एक अन्य विधायक राजेंद्र गौड़ा ने कहा कि सारे विधायक अशोक गहलोत के साथ हैं।

गहलोत ने दी सफाई
इस बीच राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की तरफ से कांग्रेस विधायकों, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को भेजे गए नोटिस पर सीएम अशोक गहलोत ने सफाई दी है। माना जा रहा है कि इसी नोटिस  से पायलट नाराज हैं जिसमें उन्हें पुलिस के सामने बयान दर्ज करने को कहा गया है। पायलट खेमे को लग रहा है कि सीएम यह जानबूझकर कर रहे हैं।

इस पर गहलोत ने ट्वीट करते हुए कहा, 'एसओजी को जो कांग्रेस विधायक दल ने बीजेपी नेताओं द्वारा खरीद-फरोख्त की शिकायत की थी उस संदर्भ में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, चीफ व्हिप एवम अन्य कुछ मंत्री व विधायकों को सामान्य बयान देने के लिए नोटिस आए हैं। कुछ मीडिया द्वारा उसको अलग ढंग से प्रस्तुत करना उचित नहीं है।'

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