Gurjar Agitation:आरक्षण के मुद्दे पर सड़क पर उतरेगा गुर्जर समाज, राजस्थान के कुछ जिलों में इंटरनेट सेवा बंद

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 17, 2020, 07:20 AM IST

Gurjar Community Mahapanchyat: राजस्थान में गुर्जर समाज आरक्षण की मांग पर करीब करीब सभी सरकारों में आंदोलन करता रहा है। इस दफा एक बार फिर यह समाज सड़कों पर उतर रहा है।

Gurjar Agitation:आरक्षण के मुद्दे पर सड़क पर उतरेगा गुर्जर समाज, राजस्थान के कुछ जिलों में इंटरनेट सेवा बंद

जयपुर: आरक्षण के विषय पर गुर्जर समाज सड़कों पर उतर रहा है। इस संबंध में किरोड़ी सिंह बैंसला ने बताया कि राज्य सरकार की वादाखिलाफी के बाद उनके पास कोई रास्ता नहीं था। वो अपने समाज को कब तक अंधेरे में रखेंगे। आज तक वो संयम के साथ उस दिन का इंतजार कर रहे थे जब गुर्जर समाज को उनका हक मिल जाए। लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। समाज के नेताओं ने भरतपुर में महापंचायत भी बुलाई है। गुर्जर आंदोलन को देखते हुए राजस्थान के कुछ जिलों में ऐहतियात के तौर पर शुक्रवार की आधी रात से ही इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है। बताया जा रहा है कि 17 अक्टूबर की आधी रात तक बयाना, वीर, भुसावर,रूपवास,भरतपुर में इंटरनेट बंद रहेगा। इस दौरान 2 जी / 3 जी / 4 जी डेटा इंटरनेट सेवाएं, व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया बंद रहेंगी।

गुर्जर मांग कर रहे हैं कि उन्हें विशेष रूप से राजस्थान में शिक्षकों के रूप में 35000 रिक्तियों का बैकलॉग आरक्षित सीट के रूप में दिया जाए। प्रशासन ने अतिरिक्त बल लगाकर सभी उपाय किए हैं और बैठक और महामारी संबंधी दिशानिर्देशों की पूर्व अनुमति लेने के लिए 2007 के हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए अपील जारी की जा रही है। इसके मतुाबिक एक जगह पर 100 से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर रोक है।

भरतपुर में गुर्जर महापंचायत
भरतपुर में गुर्जर महापंचायत का आयोजन होने वाला है। इसकी वजह से सरकार ने  फैसला किया है। बताया जा रहा है कि इस बार गुर्जर समाज समेत  5 जातियां आंदोलन का हिस्सा होंगी। बता दें कि  राज्य सरकार ने गुर्जर, रैबारी, रायका, गाड़िया लुहार और बंजारा जातियों को विशेष पिछड़ा वर्ग में पांच फीसद आरक्षण का एलान किया था। डेढ़ साल पहले सत्ता में आई अशोक गहलोत सरकार ने विधानसभा में एक संकल्प पारित कराया और केंद्र सरकार को भेजा, जिसमें उल्लेख है कि विशेष पिछड़ा वर्ग में शामिल की गई इन जातियों को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल किया जाए।

सरकारों के वादों पर अब भरोसा नहीं
बैंसला ने बताया कि गुर्जर समाज की आरक्षण मामले से जुड़ी समस्याओं को लेकर आंदोलन से जुड़े हुए निर्णय लिए जाएंगे। इससे पहले यह महापंचायत सवाई माधोपुर के मलारना डूंगर में प्रस्तावित थी, लेकिन अब यह भरतपुर के अड्डा गांव में आयोजित की जाएगी। बता दें कि गुर्जर समाज ने पिछले दिनों आरक्षण मसले को लेकर केन्द्र और राज्य सरकार दोनों को चेतावनी दी थी। 

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