देश

Y Puran Kumar Suicide: परिवार ने नहीं दी पोस्टमार्टम की अनुमति, 2001 बैच के IPS अधिकारी ने कर ली थी इन कारणों से आत्महत्या

IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार के परिवार ने उनके शव के पोस्टमार्टम की अनुमति नहीं दी। वहीं, चंडीगढ़ पुलिस ने चंडीगढ़ के पुलिस महानिरीक्षक पुष्पेन्द्र कुमार की देखरेख में जांच को तेज करने के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया है। पने सुसाइड नोट में IPS ने वरिष्ठों द्वारा जाति-आधारित भेदभाव, उत्पीड़न और सार्वजनिक अपमान का आरोप लगाया था।

Image

चंडीगढ़ एसएसपी कंवरदीप कौर ने IPS सुसाइड मामले पर जानकारी दी। (ANI)

IPS officer Y Puran Kumar death case: 7 अक्टूबर को आत्महत्या करने वाले दलित IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार के परिवार ने उनके शव के पोस्टमार्टम की अनुमति नहीं दी है। अब जिससे हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन मुश्किल में पड़ गया है। 2001 बैच के इस अधिकारी के पास अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक का पद भी था। अपने सुसाइड नोट में, उन्होंने अपने वरिष्ठों द्वारा जाति-आधारित भेदभाव, उत्पीड़न और सार्वजनिक अपमान का आरोप लगाया था।

परिवार पोस्टमार्टम को राजी नहीं

आज सुबह ऐसी खबरें आईं कि परिवार पोस्टमार्टम के लिए राजी हो गया है। बाद में, चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशक सागर प्रीत हुड्डा ने संवाददाताओं को बताया कि पोस्टमार्टम केवल परिवार की सहमति से ही किया जाएगा। हुड्डा ने कहा, 'फिलहाल मैं बस इतना ही बता सकता हूं।'

परिवार का आरोप

चंडीगढ़ पुलिस ने आज सुबह करीब 8 बजे मृतक के पार्थिव शरीर को सेक्टर 16 स्थित सरकारी मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल (GMSH) के शवगृह से सेक्टर 12 स्थित पोस्ट-ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER) ट्रांसफर कर दिया। हालांकि, परिवार ने कहा कि यह ट्रांसफर उनकी जानकारी के बिना हुआ था।

'परिवार की सहमति के बाद ही पोस्टमार्टम किया जाएगा'

चंडीगढ़ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कंवरदीप कौर ने मीडिया को बताया, 'हम PGIMER के शवगृह के बाहर खड़े हैं। परिवार की सहमति के बाद ही पोस्टमार्टम किया जाएगा। परिवार के कहने का अभी इंतजार है। डॉक्टर और पूरी टीम यहां मौजूद है, लेकिन परिवार की सहमति के बिना कोई भी प्रक्रिया नहीं की जा सकती, और कानूनी तौर पर यह संभव नहीं है।'

IAS पत्नी की मांग

परिवार, जिसमें उनकी पत्नी IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार भी शामिल हैं। उन्होंने पोस्टमार्टम और दाह संस्कार के लिए सहमत होने से पहले राज्य के पुलिस महानिदेशक और रोहतक के पुलिस अधीक्षक को हटाने की मांग कर रहे हैं। 8 अक्टूबर को चंडीगढ़ पुलिस को सौंपी गई अपनी शिकायत में अमनीत कुमार ने कहा था कि शत्रुजीत कपूर (हरियाणा डीजीपी) और नरेंद्र बिजारनिया (रोहतक एसपी) की साजिश के कारण उनके पति ने आत्महत्या कर ली।

हरियाणा के मंत्री कृष्ण लाल पंवार और वरिष्ठ अधिकारियों ने 10 अक्टूबर को परिवार से मुलाकात की और उनसे मृतक अधिकारी का पोस्टमार्टम करने की अनुमति देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कुमार के सुसाइड नोट में नामित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर की परिवार की मांग पूरी हो गई है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

और पढ़ें
End of Article