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दिल्ली में अचानक क्यों होने लगी पानी की किल्लत, क्या हरियाणा ने वाकई रोक दिया यमुना का पानी? AAP के दावे में कितना दम

Delhi Water Crisis: दिल्ली में कुछ दिनों से जगह-जगह से पानी की शिकायत आनी शुरू हुई, खास तौर पर ऐसे इलाकों से जहां पहले कभी पानी की शिकायत नहीं आती थी। आम आदमी पार्टी का दावा है कि जांच करने पर पता लगा कि यमुना का पानी हरियाणा सरकार द्वारा रोका जा रहा है।

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Delhi water Crisis

Delhi Water Crisis: आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि हरियाणा की भाजपा सरकार ने दिल्ली को मिलने वाला यमुना नदी का पानी रोक दिया है। दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने इसे चुनावी साजिश बताते हुए कहा कि दिल्ली सरकार इस विषय पर हरियाणा सरकार को पत्र लिखेगी। जरूरत पड़ने पर इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी जाएगी। आम आदमी पार्टी का यह आरोप तब सामने आया है, जब बीते कुछ दिनों से दिल्ली के कई इलाकों से पानी की शिकायत आना शुरू हुई है।

आप सरकार की मंत्री आतिशी के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से जगह-जगह से पानी की शिकायत आनी शुरू हुई, खास तौर पर ऐसे इलाकों से जहां पहले कभी पानी की शिकायत नहीं आती थी। जांच करने पर पता लगा कि यमुना का पानी हरियाणा सरकार द्वारा रोका जा रहा है। आम आदमी पार्टी का आरोप है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर हरियाण की भाजपा सरकार द्वारा ऐसा जानबूझकर किया जा रहा है।

कितना घट गया यमुना का जलस्तर?

आतिशी ने बताया कि वजीराबाद में यमुना का स्तर सामान्य तौर पर 674 फीट होता है। अपने न्यूनतम स्तर पर यह 672 फीट तक चला जाता है। 11 मई से 21 मई तक लगातार हरियाणा ने धीरे-धीरे दिल्ली का पानी रोका। 11 मई को यमुना में पानी का स्तर 671.6 फीट पर था। तीन दिन तक 671.6 फीट पर बना रहा। 14 और 15 मई को यह 671.9 फीट पर रहा। 16 मई को घटकर 671.3 फीट पर आया। 17, 18, 19 मई को यह और नीचे आ गया। यहां पानी का जलस्तर 671 फीट पर आ गया। 21 मई को 671 फीट के भी नीचे आ गया। फिर यह 670.9 फीट पर रह गया। आतिशी का कहना है कि यह शायद पहली बार है जब दिल्ली के वजीराबाद में यमुना जल स्तर इतना कम हुआ है।

भाजपा सरकार रच रही षड्यंत्र

आम आदमी पार्टी की मंत्री ने कहा कि हरियाणा की भाजपा सरकार 25 मई को दिल्ली में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली वालों को परेशान करने का षड्यंत्र रच रही है। साथ ही आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल की सरकार को बदनाम करने का भी यह षड्यंत्र है। उन्होंने कहा, मैं दिल्ली के लोगों को सतर्क करना चाहती हूं कि आने वाले कुछ दिनों में 25 मई तक लगातार ऐसी नई-नई साजिश की जाएगी। दिल्ली के वोटरों को भ्रमित करने के लिए ऐसी साजिश की जा रही है। आतिशी ने कहा कि दिल्ली सरकार ने जितने वादे किए थे, उनसे अधिक कार्य किए हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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