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लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस के साथ कौन, राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से अब तक क्या मिला?

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Nov 9, 2022, 05:44 PM IST

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) महाराष्ट्र में है। लेकिन उनके साथ कांग्रेस (Congress) नेताओं को छोड़कर कोई भी महाविकास अघाड़ी के नेता नहीं पहुंचे हैं। उधर 6 राज्यों में 7 सीटों पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई। उधर बीजेपी का वोट प्रतिशत बढ़ गया है। क्षत्रप नेता भी राहुल गांधी के साथ खड़े होना नहीं चाहते है।

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की भारत जोड़ो यात्रा महाराष्ट्र पहुंच चुकी है। 2024 के चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) में केंद्र में किसकी सरकार बनेगी। इस सवाल पर कांग्रेस (Congress) कहां खड़ा रहेगी। उसका जवाब मिलना बाकी है। केरल जहां से भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) शुरू हुई थी। वहां कम से कम कांग्रेस के पास कोई पार्टनर नहीं था। कर्नाटक, तेलंगाना में भी कोई बड़ा राजनीतिक पार्टनर नहीं है। अब भारत जोड़ो यात्रा महाराष्ट्र में है वहां महाविकास अघाड़ी है जिसमे कांग्रेस भी है, ढ़ाई साल तक शिवसेना और एनसीपी के साथ सरकार भी चलाई है। वे राहुल गांधी के साथ कितने खड़े हैं इसकी परीक्षा होनी बाकी है।

पीएम मोदी जी20 समिट प्रेसिडेंसी का लोगो लॉन्च किया। विदेश मंत्रालय के मुताबिक ये लोगो, थीम भारत के संदेश, और दुनिया के प्रति उसकी प्राथमिकताओं को दर्शाएगी। दूसरी ओर कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा तेलंगाना से महाराष्ट्रा पहुंच चुकी है। वहां कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चौहान समेत कई नेता मौजूद रहे। लेकिन यहां महाविकास अघाड़ी की एकता का कोई सबूत नहीं दिखा। ऐसे में सवाल बड़ा है 2024 में किसका जोड़ फेविकॉल वाला होगा। आज कांग्रेस को खुद से ये सवाल पूछने की जरूरत है।

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा जैसे जैसे आगे बढ़ रही है। विवादों के फेहरिस्त बड़ी लंबी हो रही है। लेकिन सवाल ये है कि कांग्रेस को भारत जोड़ो यात्रा से हासिल क्या हो रहा है। उप चुनाव में सात सीटों में से 4 सीटें बीजेपी ने जीत ली। कांग्रेस साफ हो गई। बीजेपी वोट प्रतिशत भी बढ़ा है। क्या कांग्रेस मोदी विरोध के लिए मजबूत हो रही है। दूसरी पार्टियों का साथ ला पाएगी? इस पर कोई स्पष्टता नहीं है। उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम बड़े क्षत्रप नेता मौजूद हैं जो राहुल गांधी के कम से कम खड़े होना नहीं चाहते हैं।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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