देश

इधर चल रहे थे मतदान, उधर CBI खंगाल रही थी पश्चिम बंगाल...जानिए 'संदेशखाली के डॉन' के दोस्त के घर से क्या-क्या मिला?

CBI Raid: सीबीआई सूत्रों ने बताया कि संदेशखाली में जहां छापेमारी की गई थी, उस घर का मालिक शाहजहां शेख का रिश्तेदार है, जिसकी पहचान अबू तालीब मुल्ला के रूप में हुई है। सीबीआई को विदेश निर्मित तीन रिवॉल्वर व एक पिस्तौल, भारत निर्मित एक रिवॉल्वर, एक पुलिस रिवॉल्वर, एक देसी तमंचा, प्वाइंट 45 कैलिबर के 50 कारतूस, नौ मिमी के 120 कारतूस, प्वाइंट 380 कैलिबर के 50 कारतूस और प्वांइट 32 कैलिबर के आठ कारतूस बरामद हुए।

Image

संदेशखाली में सीबीआई की छापेमाी

Photo : BCCL

CBI Raid: लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए शुक्रवार को मतदान हुए। इधर 13 राज्यों की 88 सीटों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हुई तो दूसरी तरफ केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में छापेमारी की। अधिकारियों ने बताया कि संदेशखालि में अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी के दौरान एक पुलिस रिवॉल्वर और विदेश निर्मित आग्नेयास्त्रों सहित भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस के नेता रहे शाहजहां शेख के समर्थकों द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पर हमला किए जाने की घटना के सिलसिले में यह छापेमारी की गई। सीबीआई के प्रवक्ता ने बताया कि मामले की जांच के दौरान सूचना प्राप्त हुई कि ईडी की टीम से खोया हुआ सामान और अन्य चीजें उत्तर 24 परगना के संदेशखालि में शेख के एक करीबी के घर में छिपाकर रखी गयी हों। इसके बाद सीबीआई की टीम ने सीआरपीएफ कर्मियों के साथ मिलकर संदेशखालि में दो ठिकानों पर छापेमारी की।

छापेमारी में क्या-क्या मिला

अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान में भारी मात्रा में छोटे हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया, जिसमें विदेश निर्मित रिवॉल्वर भी शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, सीबीआई को विदेश निर्मित तीन रिवॉल्वर व एक पिस्तौल, भारत निर्मित एक रिवॉल्वर, एक पुलिस रिवॉल्वर, एक देसी तमंचा, प्वाइंट 45 कैलिबर के 50 कारतूस, नौ मिमी के 120 कारतूस, प्वाइंट 380 कैलिबर के 50 कारतूस और प्वांइट 32 कैलिबर के आठ कारतूस बरामद हुए। कुछ अन्य वस्तुएं भी बरामद की गईं, जिनके देशी बम होने का संदेह है। एनएसजी की टीम द्वारा इन्हें निष्क्रिय किया जा रहा है। एक बयान में कहा गया है कि शाहजहां से जुड़े कई अभियोजनयोग्य दस्तावेज भी बरामद हुए।

अबू तालीब मुल्ला के यहां हुई थी छापेमारी

सीबीआई सूत्रों ने बताया कि संदेशखाली में जहां छापेमारी की गई थी, उस घर का मालिक शाहजहां शेख का रिश्तेदार है, जिसकी पहचान अबू तालीब मुल्ला के रूप में हुई है। उन्होंने कहा, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि घर के अंदर इतनी बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री क्यों रखी गई थी।' केंद्रीय बलों ने घर के बाहर मेटल डिटेक्टर का उपयोग कर इस बात की जांच की कि कहीं और हथियारों व गोला-बारूद को दबाकर तो नहीं रखा गया है। इस कार्य के लिए एक रोबोटिक उपकरण का भी इस्तेमाल किया गया है। बता दें, शाहजहां शेख को 29 फरवरी को पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। लगभग 1,000 लोगों की भीड़ के हमले में ईडी के तीन अधिकारी घायल हो गए थे।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article