IEC 2025 के मंच पर आज संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी पहुंचे। इस दौरान खास तौर पर विकसित भारत जी राम जी पर खास चर्चा हुई। टाइम्स नाउ एवं टाइम्स नाउ नवभारत की ग्रुप एडिटर इन चीफ नाविका कुमार के इस सवाल पर कि संसद में जी राम जी विधेयक पर जमकर ड्रामा हो रहा है, आरोप प्रत्यारोप लगते हैं, विपक्ष कहता है सत्ता पक्ष ड्रामा कर रहा है, इस पर आपका क्या कहना है। इस पर रिजिजू ने कहा, ये विपक्ष के आरोप हैं, हमारा अपने काम पर फोकस है। हम पॉलिटिकल स्लोगन में नहीं पड़ते हैं। संसद को बिल पास करने में बाधाओं का सामना करना पड़ता है, हम चर्चा के लिए समय देते हैं, लेकिन ये लोग वेल हाउस में आते हैं, स्लोगन लगाते हैं। मुझे इसमें समस्या नहीं है, लेकिन अगर पीएम, मंत्री के सामने आकर हंगामा किया जाता है, वे कैमरा ब्लाक करते हैं, मैं कहता हूं कि इस तरह सामने मत आओ, फिजिकल मत हो, बड़ा विवाद हो जाएगा। किरेन रिजिजू ने कहा कि पूरा विपक्ष सदन के वेल में आ गया। उन्होंने कागज फाड़ने, फेंकने शुरू कर दिए और यहां तक कि मेज पर चढ़ने की कोशिश भी की। मैं बहुत परेशान हो गया था।
राहुल हमारे दुश्मन नहीं है: बोले रिजिजू
रिजिजू ने कहा, मैं लोगों से बात करने में बड़ा कैजुअल हुं, मैं सभी से जाकर मिलता हूं, खरगे, राहुल गांधी से मिलता हूं, हमारे बीच सौहार्द है। राहुल हमारे दुश्मन नहीं हैं, उनसे क्या बात होती है मैं इसे पब्लिक नहीं करना चाहता, ये हमारी निजी बातचीत होती है। इस सवाल पर कि क्या आप राहुल पर भरोसा करते हैं, रिजिजू ने कहा, मेरे पास कोई विकल्प नहीं है। वह नेता विपक्ष हैं, हमारा कर्तव्य है कि उन्हें जगह दें, अगर वे इस्तेमाल ही नहीं करते हैं तो हम क्या कर सकते हैं। वह जर्मनी है, आप मुझे कैसे ब्लेम कर सकते हैं, ये समय बीएमडब्ल्यू चलाने का नहीं, संसद में परफॉर्म करने का है।
राहुल ने कहा था, एक साथ एक्सरसाइज करते हैं
रिजिजू ने आगे कहा, हमारे बीच कुछ विचारों का आदान प्रदान होता रहा है। अभी अंबेडकर जयंती पर भी चर्चा हुई, वह टी शर्ट में आ रहे थे, मैंने पूछा ठंड है। वे उनकी चमड़ी है मैं क्या कर सकता हूं। उन्होने कहा कि वह मार्शल आर्ट करते हैं। उन्होंने मुझे कहा कि चलिए साथ-साथ एक्सरसाइज करते हैं, मैने भी मजाकिया अंदाज मेंं कहा कि नहीं मुझे आने में डर लगता है। मैंने अपने आप को बचाने के लिए ऐसा कहा था। फिजिकली फिट होना और मेंटली अलर्ट होना ठीक है। मैंने कहा कि मोदी जी ने फिट इंडिया अभियान चलाया, लेकिन उन्होंने कभी इसमें भाग नहीं लिया। कांग्रेस पार्टी ने कभी भी किसी भी सरकारी कार्यक्रम में भाग नहीं लिया। मेक इन इंडिया, फिट इंडिया आदि, उन्हें इनमें भाग लेना चाहिए था। कांग्रेस वाले वंदे मातरम से डरते हैं, इसलिए नहीं बोलते हैं।
राहुल जी और मेरी फिटनेस में बहुत अंतर है। मैं यहां नहीं बोल सकता। फिटेस्ट पर्सन मोदी जी हैं, उन्होंने इसकी परिभाषा बदल दी है। अगर आपके पास मिनिमम फिटनेस है तो सब कर सकते हैं। लेकिन पीएम की फिटनेस अलग लेवल पर है, मेंटली, फिजिकली आगे हैं। रिजिजू ने कहा, मुझे लगता है कि देश का एजेंडा देश के लोग सेट करते हैं। नेताओं का अपना कोई एजेंडा नहीं होता, वो सोसायटी का रिफ्लेक्शन होता है।
आपको राम के नाम से क्या आपत्ति है
इस सवाल पर कि क्या जी राम जी बिल पर आपने पहले विपक्ष से पहले चर्चा की थी, वे लोग पेपर रकेट बना रहे हैं, नाम बदलने पर नाराज हैं, कई प्रावधानों पर सवाल उठा रहे हैं, क्या आपको पछतावा है? रिजिजू ने कहा, सवाल ही नहीं उठता, हमने इसे कैबिनेट में पास किया फिर संसद में लाए। संसद में चर्चा के लिए रखा, नाम बदलने का मुद्दा बड़ा नहीं है, जब नरेगा पास हुआ था, यूपीए 1 सरकार में, इसे ग्रामीमों के लिए लाया गया था। बाद में इसमें महात्मा गांधी नाम जोड़ा गया था। तब से इसमें बहुत दुरुपयोग हुआ। तालाब, गड्डा खोदने में जेसीबी का इस्तमाल होता है, लेकिन लोगों को पैसा दिया गया, इसमें बहुत भ्रष्टाचार हुआ है। इसे 2006 में लाया गया था, अब 2025 है, इसमें अपग्रेडेशन जरूरी है। जी राम जी ग्रामीणों के लिए है, आपको राम के नाम से क्या आपत्ति है। गांधी जी राम का नाम लेते थे, हम तो उसी को आगे बढ़ा रहे हैं।
रिजिजू ने कहा कि जब प्रियंका बोलती हैं तो पूरे कांग्रेस नेता इकट्टे हो जाते हैं, बाकी बोलते हैं तो कोई नहीं दिखता है। मद्रास हाई कोर्ट के जज के महाभियोग नोटिस पर रिजिजू ने कहा, महाभियोग चलाना इस पर निर्भर करता है कि कितने लोग समर्थन करते हैं, लेकिन जज का आपके मुताबिक फैसला नहीं देना और जजों को इस तरह से निशाना बनाना कितना सही है। आप कैसे विश्वयनीयता तय करेंगे, सिर्फ इसलिए कि कोई आपका पॉलिटिकल एजेंडा पूरा नहीं करता है, ऐसा करना क्या उचित है।
वोट चोरी डिबेट
इस सवाल पर कि क्या आप वोट चोरी डिबेट से हट गए, क्या आपको एसआईआर से डर लगता है। रिजिजू ने कहा, 1952 से एसआईआर हो रहा है, हमारी सरकार में इतने सालों बाद ये हो रहा है, जिसे चुनाव आयोग करवा रहा है। इससे पहले सभी एसआईआर कांग्रेस में हुए थे। 2004 में मशीन से चुनाव हुए और हम हार गए, तब हमने नहीं कहा था कि वोट चोरी हुई या मशीन गलत थी। जीत पर राहुल ने कभी भी हमें बधाई नहीं दी, आपको हार मिलने पर ऐसा नहीं करना चाहिए। जीत पर भी घमंड नही होना चाहिए। जब आप लगातार हारते हैं, आपका काडर आपको दोषी न ठहरा दे, तब आप इस हार के लिए सिस्टम को दोषी ठहराते हैं, कब तक इससे भागेंगे। एक दिन तो जवाब देना ही पड़ेगा, एक समय के बाद कांग्रेस काडर उनकी लीडरशिप से सवाल पूछेगा।
नेशनल हेराल्ड केस पर क्या कहा
इस सवाल पर कि आप लोग नेशनल हेराल्ड केस 12 साल से चला रहे हैं, कोर्ट ने भी कहा कि इसका औचित्य नहीं बनता। रिजिजू ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि केस नहीं बनता, इसे परिणाम तक पहुंचने दीजिए, ये हमारे लिए सेटबैक नहीं है। ये हमारी पार्टी ने केस फाइल नहीं किया है। सरकार अपनी ड्यूटी करती है। वहीं, जस्टिस यशवंत वर्मा भ्रष्टाचार मामले पर कहा कि केस क्लियर है, मुझे पक्का विश्वास है कि संसद महाभियोग चलाएगी तो सब साथ बैठेंगे। जस्टिस वर्मा केस में विपक्ष के खरगे जी, राहुल जी के साथ चर्चा होगी, जो मोशन होगा वो सभी दलों की तरफ से होगा।
