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लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पास, PM Modi की तारीफ में ऑल इंडिया सूफी काउंसिल के अध्यक्ष नसीरुद्दीन चिश्ती ने कह दी ये बड़ी बात

Waqf Bill Passed: वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने के बाद ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के अध्यक्ष सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि यह भारतीय लोकतंत्र की जीत है क्योंकि सरकार ने मुसलमानों के हित में एक बड़ा कदम उठाया है।

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लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने के बाद सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कही ये बात

Photo : ANI

Waqf Bill Passed: लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने के बाद ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल (AISSC) के अध्यक्ष सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि यह भारतीय लोकतंत्र की जीत है क्योंकि सरकार ने मुसलमानों के हित में एक बड़ा कदम उठाया है। चिश्ती ने उम्मीद जताई कि सरकार मुसलमानों, खासकर वंचित मुसलमानों, महिलाओं और बच्चों के विकास के लिए योजनाएं शुरू करेगी। उन्होंने विधेयक पारित होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू को बधाई दी।

भारत के लोकतंत्र की जीत- चिश्ती

चिश्ती ने कहा कि यह भारत के लोकतंत्र की जीत है और बिल को बहुत ही लोकतांत्रिक तरीके से लाया गया है और चर्चा के बाद बिल को पारित किया गया है। मैं इसके लिए पीएम मोदी, अमित शाह और किरेन रिजिजू को बधाई देता हूं। पीएम मोदी ने हमेशा 'सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास' की बात की है। यह सरकार द्वारा मुसलमानों के सर्वोत्तम हित में उठाया गया एक बहुत बड़ा कदम है। सरकार को मुसलमानों के विकास के लिए भी योजनाएं शुरू करनी चाहिए। मुझे उम्मीद है कि यह बिल राज्यसभा में भी पारित हो जाएगा। मैं सरकार से मुसलमानों, खासकर वंचितों, महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए योजनाएं लाने का आग्रह करता हूं।

लोकसभा ने गुरुवार को गरमागरम बहस के बाद वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पारित कर दिया, जिसके दौरान इंडिया ब्लॉक के सदस्यों ने इस कानून का जमकर विरोध किया, जबकि भाजपा और उसके सहयोगियों ने इसका जोरदार समर्थन करते हुए कहा कि यह पारदर्शिता लाएगा और वक्फ बोर्डों की दक्षता बढ़ाएगा। विपक्षी सदस्यों द्वारा किए गए संशोधनों को अस्वीकार किए जाने के बाद विधेयक पारित किया गया। विधेयक को पारित करने के लिए सदन आधी रात से आगे तक बैठा रहा।

विपक्ष ने विधेयक का किया विरोध

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा बहस का जवाब देने के बाद अध्यक्ष ओम बिरला ने घोषणा की कि सदन सूचीबद्ध व्यवसाय में मद संख्या 12 - वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 - पर सदन के निर्णय के लिए विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि क्या विधेयक पर विचार किया जाना चाहिए और फिर कहा कि लॉबी को साफ किया जाना चाहिए। बाद में उन्होंने मत विभाजन के परिणाम की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सुधार के अधीन, हां 288, नहीं 232। बहुमत प्रस्ताव के पक्ष में है। इंडिया ब्लॉक में पार्टियों ने विधेयक का विरोध करने का फैसला किया था और उनके सदस्यों ने तदनुसार मतदान किया। उन्होंने कुछ संशोधनों पर मत विभाजन के लिए भी दबाव डाला। एक संशोधन को अस्वीकार कर दिया गया जिसमें 231 सदस्यों ने पक्ष में और 238 ने इसके खिलाफ मतदान किया। संशोधित विधेयक सरकार द्वारा संयुक्त संसदीय समिति की सिफारिशों को शामिल करने के बाद लाया गया था जिसने पिछले साल अगस्त में पेश किए गए कानून की जांच की थी।

असंवैधानिक जैसे शब्दों का इस्तेमाल हल्के में नही किया जाना चाहिए- रिजिजू

बहस के जवाब में रिजिजू ने वक्फ संशोधन विधेयक को असंवैधानिक करार देने के लिए विपक्षी दलों की आलोचना की, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि वक्फ संपत्ति से संबंधित कानून दशकों से अस्तित्व में है और अदालतों द्वारा इसे रद्द नहीं किया गया है और ऐसे शब्दों का इस्तेमाल हल्के में नहीं किया जाना चाहिए। लोकसभा में मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2024 भी पारित हो चुका है। रिजिजू ने कहा कि विधेयक पारित होने के बाद मुस्लिम समुदाय के गरीब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देंगे। उन्होंने कहा कि करोड़ों गरीब मुसलमान विधेयक पारित होने पर पीएम मोदी को धन्यवाद देंगे। रिजिजू ने विपक्षी सदस्यों की इस आलोचना को खारिज कर दिया कि विधेयक मुस्लिम विरोधी है और कहा कि कुछ सदस्य गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सभी मुद्दों पर अच्छी तरह से स्पष्टीकरण देने के बावजूद सच्चाई को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मैं विधेयक के बारे में अपने विचार रखने के लिए सभी नेताओं को धन्यवाद देना चाहता हूं... कुछ नेता कह रहे हैं कि विधेयक असंवैधानिक है, और मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि वे कैसे कह सकते हैं कि विधेयक असंवैधानिक है। अगर यह असंवैधानिक था, तो अदालत ने इसे रद्द क्यों नहीं किया?... असंवैधानिक जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। विधेयक संविधान के खिलाफ नहीं है, जैसा कि विपक्ष ने दावा किया है। हमें 'संवैधानिक' और 'असंवैधानिक' शब्दों का इस्तेमाल इतने हल्के ढंग से नहीं करना चाहिए।

विपक्ष अपना वोट बैंक बनाने की कोशिश कर रहा है- अमित शाह

इससे पहले अपने भाषण में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि विपक्ष अल्पसंख्यक समुदाय को डराकर अपना वोट बैंक बनाने की कोशिश कर रहा है। विधेयक 1995 के अधिनियम में संशोधन करना चाहता है। विधेयक भारत में वक्फ संपत्तियों के प्रशासन और प्रबंधन में सुधार करना चाहता है। इसका उद्देश्य पिछले अधिनियम की कमियों को दूर करना और वक्फ बोर्डों की दक्षता बढ़ाना, पंजीकरण प्रक्रिया में सुधार करना और वक्फ रिकॉर्ड के प्रबंधन में प्रौद्योगिकी की भूमिका बढ़ाना है।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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