Dhakad Exclusive: नाम पर सियासत! कांग्रेस को हर जगह परिवार का नाम क्यों चाहिए?

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 3, 2021, 08:55 PM IST

असम में सरकार नेशनल पार्क का नाम बदलने का फैसला लिया तो इस मसले पर खूब सियासत हुई। कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई और असम के सीएम को पत्र भी लिखा। आखिर कांग्रेस को हर जगह परिवार का नाम ही क्‍यों चाहिए?

नई दिल्‍ली : असम में नेशनल पार्क के नाम से राजीव गांधी का नाम हटाया गया तो हंगामा हो गया तो इस पर खूब सियासी हंगामा हुआ। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दलील दी कि आदिवासी और चाय जनजाति समुदाय के लोगों की मांग पर राजीव गांधी राष्ट्रीय उद्यान का नाम बदलकर ओरंग राष्ट्रीय उद्यान कर दिया गया और इस तरह इसका मूल नाम बहाल किया गया। लेकिन ये बात कांग्रेस को पसंद नहीं आई। कांग्रेस सांसद रिपुन वोरा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को चिट्ठी लिखी कि असम के राष्ट्रीय उद्यान से राजीव गांधी का नाम ना हटाया जाए। उन्होंने लिखा कि ये परंपरा सही नहीं है। ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

यूं नाम को लेकर सियासी संग्राम कोई नई बात नहीं है। केन्द्र सरकार ने अगस्‍त में जब राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न करने का फैसला लिया, तब भी यह मसला खूब उठा। केंद्र सरकार के उस फैसले के बाद महाराष्ट्र में राजीव गांधी का नाम जोड़ने की कवायद शुरू हो गई, जहां की सरकार में कांग्रेस भी भागीदार है। महाराष्ट्र की महा विकास आघाडी सरकार ने राजीव गांधी के नाम पर इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर में बेहतरीन काम करने वाले इंस्टिट्यूट को अवॉर्ड देने का ऐलान कर दिया। टाइम्‍स नाउ नवभारत के शो Dhakad Exclusive में इस मसले पर बात की गई। साथ ही ताल‍िबान को लेकर नेताओं के बयानों पर भी बात की गई। देखिये पूरी रिपोर्ट।
 

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