Sawal public ka: अब्बाजान से ध्रुवीकरण और 'हिंदू-मुसलमान' से क्या?

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 13, 2021, 09:34 PM IST

Sawal public ka: 'सवाल पब्लिक का' में बात हुई योगी आदित्यनाथ के 'अब्बाजान' बयान पर मचे घमासान पर। अब्बाजान पर खूब हंगामा हो रहा है, लेकिन हिंदु-मुसलमान पर काफी सन्नाटा छाया रहा?

'सवाल पब्लिक का' में बात हुई उत्तर प्रदेश की चल रही राजनीति पर। यूपी में पिछले तीन-चार दिनों से हिंदू-मुसलमान के बाद अब एक नए शब्द पर चारों तरफ चर्चा हो रही है। शब्द है अब्बाजान। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर की एक जनसभा में ये शब्द कहा। उन्होंने कहा कि राशन मिल रहा होगा ना आपको? राशन मिल रहा है? मिल रहा है राशन? क्या ये राशन 2017 के पहले भी मिलता था? क्योंकि तब तो अब्बाजान कहने वाले राशन हजम कर जाते थे। तब कुशीनगर का राशन नेपाल पहुंच जाता था, बांग्लादेश पहुंच जाता था। और आज कोई इन गरीबों का राशन निगलेगा तो राशन तो नहीं निगल पाएगा लेकिन जेल जरूर चला जाएगा।

राशन को लेकर अब्बाजान वाले योगी बयान पर घमासान मचा हुआ है। कौन नहीं बोल रहा। समाजवादी पार्टी आगबबूला तो है ही दिल्ली से लेकर कोलकाता तक हंगामा मचा हुआ है। कपिल सिब्बल से लेकर, महुआ मोइत्रा तक सब पिले पड़े हैं। हाल ही में ओवैसी खुलेआम हिंदू-मुसलमान कर रहे थे, यादव-मुस्लिम कर रहे थे। तब किसी ने कुछ नहीं बोला। समाजवादी पार्टी ने तो कहा कि उन्होंने लाइन ले रखी है कि उन्हें उस पर कुछ बोलना ही नहीं। क्यों भाई जब अब्बाजान जैसे शब्द पर महाभारत मची है तो खुल्लमखुल्ला हिंदू-मुसलमान पर चुप क्यों थे? सवाल पब्लिक का आज है: 

  1. यूपी में हिंदू-मुसलमान पर खामोश रहने वाले नेताओं में अब्बाजान पर खलबली क्यों? 
  2. विकास छोड़कर जाति-धर्म और बाहुबली पर क्यों अटकी यूपी की सियासत? 
  3. यूपी चुनाव को मुद्दे से कौन भटका रहा?
     
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