Rashtravad: कांग्रेस ने राहुल गांधी से ED की पूछताछ को पॉलिटिकल इवेंट क्यों बनाया?

Rashtravad : नेशनल हेराल्ड केस में मनी लॉन्ड्रिग मामले में पूछताछ के लिए राहुल गांधी को ईडी ने बुलाया। इसके विरोध में कांग्रेस पार्टी ने देश भर में शक्ति प्रदर्शन किया। सवाल उठता है कि क्या राहुल का सच से सामना हुआ तो पूरी कांग्रेस पार्टी परिवार को बचाने में जुट गई?

Rashtravad: Why did Congress make ED's questioning to Rahul Gandhi a political event?
नेशनल हेराल्ड केस में राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ 
मुख्य बातें
  • राहुल को ED ने बुलाया, कांग्रेस को सत्याग्रह याद आया ?
  • सड़क पर कांग्रेसियों ने धरना प्रदर्शन किया।
  • हाजिरी लगाने नेता आए, पैसे देकर पब्लिक बुलाई?

Rashtravad : नेशनल हेराल्ड केस में मनी लॉन्ड्रिग के आरोपों पर पूछताछ के लिए आज राहुल गांधी को ईडी के सामने बुलाया गया। राहुल गांधी के घर से निकलने से लेकर ईडी दफ्तर पहुंचने तक कांग्रेस के नेताओं ने पूछताछ को एक पॉलिटिकल इवेंट बनाने की कोशिश की। कांग्रेस दफ्तर हो, ईडी दफ्तर हो या फिर राहुल गांधी का घर। हर जगह एक प्लानिंग के तहत कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता जमा हो गए। पूछताछ का विरोध करने के लिए नारेबाजी की गई। धरना प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने अपने इस प्रदर्शन को सत्याग्रह का नाम दिया। इस दौरान पुलिस ने कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में भी लिया। राहुल के साथ प्रियंका गांधी ED दफ्तर तक खुद साथ गई। उसके बाद पहले राउंड में राहुल गांधी से तीन घंटे की पूछताछ हुई। फिर लंच ब्रेक के बाद राहुल गांधी से दूसरे दौर की पूछताछ हो रही है।

सवाल है कि क्या राहुल का सच से सामना हुआ तो पूरी कांग्रेस पार्टी परिवार को बचाने में जुट गई? आज कांग्रेस ने ईडी की पूछताछ को जो पॉलिटिकल इवेंट का रंग दिया उससे एक सवाल जेहन में आता है कि अगर आप निर्दोष हैं। अगर आपने भ्रष्टाचार नहीं किया तो फिर किस बात का डर है। क्यों ईडी की पूछताछ को पॉलिटिकल रंग दिया गया। क्यों देशभर में कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे?

आज इस मुद्दे पर बात करू उससे पहले आपको ये भी बताना चाहता हूं कि जब 2002 के गुजरात दंगों को लेकर नरेंद्र मोदी से पूछताछ हुई। मोदी अकेले गए। वो भी बतौर सीएम, ना पॉलिटिकल इवेंट किया गया, ना ही कोई प्रदर्शन हुआ। मोदी से तब नौ घंटे पूछताछ हुई। इस पूछताछ के दौरान मोदी ने कोई लंच ब्रेक भी नहीं लिया। राहुल गांधी 3 घंटे पूछताछ के बाद एक घंटे लंच ब्रेक के लिए गए। अब फिर दोबारा पूछताछ हो रही है। 

2002 गुजरात दंगे को लेकर जब मोदी से पूछताछ हुई तो पूछताछ करने वाले अधिकारी  RK राघवन ने अपनी किताब में इस बात का जिक्र किया है। आर के राघवन ने लिखा है कि SIT दफ्तर में मेरे चैंबर में मोदी से 9 घंटे सवाल जवाब हुए। मल्होत्रा ने मुझे बाद में बताया कि इस दौरान मोदी ने शांति के साथ सवालों का जवाब दिया। सवाल जवाब का दौर देर रात समाप्त हुआ। उन्होंने किसी सवाल को टाला नहीं। ना ही घुमाने का प्रयास किया। जब मल्होत्रा ने उनसे पूछा कि आप लंच ब्रेक लेना चाहेंगे तो उन्होंने इसके लिए मना कर दिया। वो अपने साथ खुद पानी की बोतल लेकर आए थे और करीब 100 कठिन सवालों के मैराथन के बीच उन्होंने एक कप चाय भी स्वीकार नहीं की। कई प्रयासों के बाद उनको छोटे ब्रेक के लिए मना पाए।

हमने प्रधानमंत्री मोदी से बतौर गुजरात के सीएम एसआईटी पूछताछ का जिक्र किया। अब आज कांग्रेस के प्रदर्शन का सच भी जान लीजिए। कांग्रेस के नेता राहुल का समर्थन करने आए थे या हाजिरी लगाने क्या कांग्रेस ने इसे राजनीतिक रंग देने के लिए पैसे देकर लोगों को बुलाया था? ऐसा हम क्यों कह रहे हैं कांग्रेस नेताओं और प्रदर्शन करने आए लोगों का बयान पहले आप खुद सुन लीजिए।

ऐसे में आज के सवाल हैं:-  
राहुल को ED ने बुलाया तो कांग्रेस को सत्याग्रह याद आया ?
कांग्रेस ने पूछताछ को पॉलिटिकल इवेंट क्यों बनाया ?
क्या हाजिरी लगाने नेता आए, पैसे देकर पब्लिक बुलाई ?
नरेन्द्र मोदी से क्लास लेंगे राहुल गांधी ?
 

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