10 दिन में शरद पवार से दूसरी बार मिले प्रशांत किशोर, थर्ड फ्रंट की अटकलें तेज, कल विपक्षी दलों की बैठक

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 21, 2021, 06:53 PM IST

प्रशांत किशोर ने NCP प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की है। भाजपा का मुकाबला करने के लिए तीसरा मोर्चा के गठन की संभावना के बारे में अटकलों के जोर पकड़ने के बीच इस महीने इन दोनों की यह दूसरी मुलाकात है।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (NCP) शरद पवार ने आज दिल्ली में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से मुलाकात की। इससे भविष्य में भाजपा के खिलाफ तीसरे मोर्चे को खड़ा करने की अटकलों को और बल मिल रहा है। दो सप्ताह के अंतराल में दोनों नेताओं के बीच यह दूसरी मुलाकात है। सूत्रों के अनुसार पहली बैठक में प्रशांत किशोर ने शरद पवार को क्षेत्रीय दलों के वर्तमान परिदृश्य के बारे में बताया और इस दूसरी बैठक में तीसरे मोर्चे की बातचीत जोर पकड़ रही है क्योंकि क्षेत्रीय दलों ने अगले आम चुनाव में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा का मुकाबला करने के लिए हाथ मिलाने की इच्छा व्यक्त की है।

बताया जाता है कि सोमवार को हुई ये बैठक करीब 3 घंटे तक चली। बंद कमरे में हुई ये बैठक नई दिल्ली में पवार के 6 जनपथ आवास पर हुई। दिलचस्प बात यह है कि यह बैठक शरद पवार के दिल्ली स्थित आवास पर होने वाली एनसीपी की आम सभा की बैठक से एक दिन पहले हुई है। 

विपक्षी दलों को एकजुट करेंगे शरद पवार 

एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा, 'चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने आज सुबह (राकांपा प्रमुख) शरद पवार से मुलाकात की। किशोर जानते हैं कि भविष्य में राजनीतिक स्थिति क्या हो सकती है और मेरा मानना है कि उन्होंने पवार साहब को इस बारे में जानकारी दी। अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं की अहम बैठक कल नई दिल्ली में शरद पवार की अध्यक्षता में होगी। बैठक में एनसीपी, आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और आरजेडी के नेता शामिल होंगे।' उन्होंने कहा कि इस बैठक में (अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ) आगामी लोकसभा सत्र पर चर्चा की जाएगी। देश के राजनीतिक हालात पर भी चर्चा की जाएगी। कल से देश के सभी विपक्षी दलों को एकजुट करने का काम शरद पवार करेंगे। 

किशोर ने हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वह 11 जून को भी पवार से मिले थे, जिसके बाद भाजपा का मुकाबला करने के लिए विपक्षी पार्टियों के एकजुट होने की चर्चा को तूल मिला है।

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