कांग्रेस सांसद राहुल गांधी इस समय लंदन में हैं। कैंब्रिज विश्वविद्यालय में आइडियाज फॉर इंडिया में अपनी राय रख रहे हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने लद्दाख का मुद्दा उठाया और कहा था कि यूक्रेन में जो रूस ने किया वही सब चीन, लद्दाख में करने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा मंगलवार को उन्होंने हिंदुत्व को लेकर अपनी राय रखी। लेकिन उसके साथ 20 करोड़ की आबादी खतरे में इसका भी जिक्र किया। राहुल गांधी ने कहा कि हिंदुत्व के बारे में उन्होंने पढ़ा है. जहां तक बीजेपी और आरएसएस की बात है तो इनमें Hindutva की भावना नहीं है, कोई Rashtravad नहीं है। और उसमें ना तो हिंदू और ना ही राष्ट्रवाद का जिक्र है। उन्हें ऐसा लगता है कि कोई और नाम सोचना होगा।
'20 करोड़ लोगों पर खतरा'
राहुल गांधी यहीं नहीं रुके। उन्होंने बीजेपी और आरएसएस पर हमला करते हुए कहा कि संविधान के मूल ढांचे से खिलवाड़ किया जा रहा है। ध्रुवीकरण की राजनीति से 20 करोड़ लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया जा रहा है। अब सवाल यह है कि राहुल गांधी एक तरफ जब बीजेपी पर सांप्रदायिकता की राजनीति का आरोप लगाते हैं तो क्या वो खुद 20 करोड़ का जिक्र कर तुष्टीकरण की राजनीति नहीं कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि भारत को बोलने की अनुमति देने वाले Institutions पर "व्यवस्थित हमला" हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति से किसी का भला होने वाला नहीं है।
क्या राहुल गांधी अलाप रहे हैं तुष्टीकरण राग, ध्रुवीकरण की वजह से 20 करोड़ लोगों पर खतरा
- Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
- Updated May 24, 2022, 10:56 AM IST
कांग्रेस पार्टी एक तरफ कहती है कि उसका सांप्रदायिक सद्भाव में भरोसा है। वो नफरत की राजनीति नहीं करती । अगर ऐसा है को लंदन में राहुल गांधी के इस बयान क्या मतलब है कि ध्रुवीकरण की वजह से 20 करोड़ लोगों को खतरा है।
End of Article
