EU सांसदों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को कश्मीर दौरे पर, पीएम मोदी से की मुलाकात

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 28, 2019, 03:28 PM IST

jammu kashmir after abrogation of article 370: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पहली बार कोई विदेशी प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को घाटी का दौरा करेगा।

नई दिल्ली। पांच अगस्त को जब केंद्र सरकार ने साफ कर दिया कि अब अनुच्छेद 370 इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगा तो इस पर भारत के राजनीतिक दलों से मिलीजुली प्रतिक्रिया आई। संसद में सरकार के फैसले का पिछले दरवाजे से समर्थन था तो सड़क पर विरोध था। खासतौर से कांग्रेस के नेता मतिभ्रम के हालात में थे कि आखिर पार्टी की रुख क्या होना चाहिए।

कांग्रेस के कद्दावर नेता राहुल गांधी के ट्वीट को आधार बनाकर पाकिस्तान भारत को घेरता रहा। लेकिन सरकार ने साफ कर दिया था कि जम्मू-कश्मीर का संपूर्ण विकास ही एकमात्र लक्ष्य हैं जिन पाबंदियों पर विपक्षी दल छटपटा रहे हैं वो अस्थाई है। इन सबके बीच पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को बदनाम करने की कोशिश शुरू की किस तरह से आम लोगों पर अत्याचार किया जा रहा है। इसके लिए उसकी तरफ से तमाम कोशिश हुई लेकिन वो नाकाम रहा। 

यूरोपीय यूनियन के सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे देशों के खिलाफ कार्रवाई करने की आवश्यकता है जिनकी राज्यनीति ही आतंकवाद की है। आतंक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

यूरोपियन यूनियन के सांसद बी एन दुन ने कहा कि वो लोग मंगलवार को कश्मीर जा रहे हैं। पीएम मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद के माहौल के बारे में बताया। लेकिन वो जमीनी तस्वीर को परखने के साथ साथ कुछ स्थानीय लोगों से भी बात करना चाहते हैं ताकि वो वास्तविक हालात को समझ सकें। दुन ने कहा कि सबकी सिर्फ एक ही मंशा है कि वहां हालात सामान्य रहे। 

जम्मू-कश्मीर से ज्यादातर प्रतिबंध हटाए जा चुके हैं और अब यूरोपीय यूनियन से जुड़े 28 सांसद मंगलवार को जम्मू-कश्मीर का दौरा करेंगे। इसके साथ ही यूनियन के सभी 28 सांसद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की। सरकार के इस फैसले को अहम बताया जा रहा है। पाकिस्तान बार बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कहता रहा है कि आम कश्मीरियों के आवाज को दबाया जा रहा है। लेकिन घाटी से जो तस्वीरें आती थी उसको आधार बनाकर पाक मीडिया अपनी सरकार की घेरेबंदी करती थी। 

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