Uttarakhand UCC Bill: मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने आज उत्तराखंड विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) पर विधेयक पेश किया। इस दौरान विधायकों ने जय श्रीराम और वंदे मातरम के नारे भी लगाए। विधेयक पेश करने के लिए उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र सोमवार को शुरू हुआ था। सत्र के दूसरे दिन आज विधेयक पेश किया गया। हालांकि इसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
विशेष सत्र को लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद की है और पूरे प्रदेश में पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। सत्र की शुरूआत से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूसीसी सभी वर्गों के लिए अच्छा होगा और इसके लिए चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने अन्य राजनीतिक दलों के सदस्यों से सदन में सकारात्मक तरीके से विधेयक पर चर्चा करने का अनुरोध भी किया।
सीएम धामी बोले, पूरा देश यूसीसी की प्रतीक्षा कर रहा है
संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास और एक भारत, श्रेष्ठ भारत के स्वप्न को साकार करने में मददगार होगा। धामी ने कहा कि उनकी पार्टी ने पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान जनता के सामने यूसीसी लाने का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा, न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लोग यूसीसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हमारी यह प्रतीक्षा समाप्त हो रही है और हम मंगलवार को इसे विधानसभा में प्रस्तुत करेंगे।
यह एक युगांतकारी समय....
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरा देश उत्तराखंड की तरफ देख रहा है। उत्तराखंड के लिए यह एक युगांतकारी समय है। पूरे देश की नजर हमारी तरफ है कि किस प्रकार से विधेयक आता है और किस प्रकार की चर्चा होती है। मंगलवार को सदन में रखे जाने के बाद विधेयक पर चर्चा की जाएगी। अन्य दलों के विधायकों से चर्चा में भाग लेने का अनुरोध करते हुए धामी ने कहा, सकारात्मक ढंग से चर्चा में भाग लें, मातृ शक्ति के उत्थान के लिए, राज्य के अंदर रहने वाले हर पंथ, हर समुदाय, हर धर्म के लोगों के लिए इसमें भाग लें।
740 पेज के यूसीसी मसौदे को मंजूरी
प्रदेश मंत्रिमंडल ने रविवार को यूसीसी मसौदे को स्वीकार करते हुए उसे विधेयक के रूप में छह फरवरी को सदन के पटल पर रखे जाने को मंजूरी दी थी। चार खंडों में 740 पृष्ठों के इस मसौदे को सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय समिति ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री को सौंपा था। वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा द्वारा जनता से किए गए प्रमुख वादों में यूसीसी पर अधिनियम बनाकर उसे प्रदेश में लागू करना भी शामिल था।
2022 में दूसरी बार सरकार बनने के बाद मसौदे को मंजूरी
वर्ष 2000 में अस्तित्व में आए उत्तराखंड राज्य में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज करने का इतिहास रचने के बाद भाजपा ने मार्च 2022 में सरकार गठन के तत्काल बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए विशेषज्ञ समिति के गठन को मंजूरी दे दी थी। कानून बनने के बाद उत्तराखंड आजादी के बाद यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य होगा। गोवा में पुर्तगाली शासन के दिनों से ही यूसीसी लागू है।
सभी धर्मों के लिए होंगे समान कानून
यूसीसी के तहत प्रदेश में सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता, जमीन, संपत्ति और उत्तराधिकार के समान कानून लागू होंगे, चाहे वे किसी भी धर्म को मानने वाले हों। उधर, प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार ने कहा कि पूरे राज्य में पुलिस बल को अलर्ट पर रहने के आदेश दिए गए हैं ताकि किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। (Bhasha Input)
