Israel-Iran Conflict: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को ईरान के परमाणु स्थलों पर अमेरिकी हमलों की जमकर निंदा की। साथ ही उन्होंने अमेरिकी हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों और परमाणु हथियारों से जुड़ी अप्रसार संधि का उल्लंघन करार दिया।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (फाइल फोटो)
हैदराबाद सांसद ने कहा कि अमेरिकी बमबारी के बाद मध्य पूर्व के कुछ अरब देश इजरायल की 'ब्लैकमेलिंग' की वजह से परमाणु हथियार बनाने की होड़ में शामिल हो सकते हैं। ईरान के तीन या चार परमाणु स्थलों पर सुबह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र अध्याय एनपीटी का उल्लंघन है।
ओवैसी ने कहा कि यह अमेरिका के संविधान का भी उल्लंघन करता है, क्योंकि इसमें कहा गया कि उनके कांग्रेस की अनुमति के बिना देश युद्ध नहीं कर सकता। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ने पहले कहा था कि ईरान में कुछ भी (परमाणु हथियार) नहीं है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि अमेरिका गाजा में हो रहे नरसंहार को छुपा रहा है।
PAK पर बरसे ओवैसी
ओवैसी ने कहा कि इजरायल के पास 700-800 परमाणु हथियार हैं जिन पर एनपीटी द्वारा हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं। साथ ही अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों को उनका निरीक्षण करने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि 5-10 सालों में ईरान 90 फीसद तक यूनेरियम का संवर्धन कर लेना और इसे रोका नहीं जा सकता है। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान को भी लताड़ा।
उन्होंने पाकिस्तान की खिल्लियां उड़ाते हुए कहा कि वह ईरान पर हमलों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए नोबेल शांति पुरस्कार की मांग कर रहा है और पड़ोसी देश के सेना प्रमुख ने ट्रंप के साथ लंच किया।
