समाजवादी पार्टी (सपा) के सीनियर नेता आजम खां को उत्तर प्रदेश में रामपुर के एमपी-एमएलए कोर्ट ने पक्की बेल दे दी। मंगलवार (22 नवंबर, 2022) को उनके वकील जुबैर अहमद ने मीडिया को बताया कि यह मामला 2019 का है। लोकसभा चुनाव के दौरान नफरत भरा भाषण देने के केस में पिछली 27 अक्टूबर को एमपी-एमएलए कोर्ट ने खां को तीन साल की सजा सुनाई थी। उन्हें तब अंतरिम जमानत दे दी गई थी, जबकि रेग्युलर बेल (नियमित या पक्की जमानत) के लिए अदालत से अनुरोध किया गया था।
सपा के सीनियर नेता आजम खां। (फाइल)
उन्होंने आगे बताया कि इस अर्जी पर दोनों पक्षों में बहस हुई और जस्टिस आलोक दुबे ने आजम को नियमित जमानत दे दी है। अब सत्र अदालत में जब तक यह मामला विचाराधीन रहेगा, इस मामले में खां जमानत पर रहेंगे।
रामपुर की स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां की जमानत पर मुहर लगा दी है। अब वे जमानत पर र… t.co/QryQIRjnaB
— ANI (@ANI) Nov 22, 2022
सपा के संस्थापक सदस्यों में से एक पूर्व कबीना मंत्री खां पर 2019 के आम चुनाव के समय नफरती भाषण देने का आरोप लगा था। रामपुर के स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने पिछली 27 अक्टूबर को तीन साल कैद की सजा सुनाई थी। वैसे, उन्हें फौरी तौर पर बेल भी मिल गई थी।
यह फैसला होने के फौरन बाद जन प्रतिनिधित्व कानून के प्रावधान के तहत उनकी विधानसभा की सदस्यता खत्म कर दी गई थी। साथ ही विस सचिवालय ने रामपुर सदर सीट को खाली घोषित कर दिया गया था। खां ने खुद को मिली तीन साल की सजा को रामपुर जिला और सत्र अदालत में बुधवार को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की थी।
यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा था। न्यायालय ने विशेष सत्र अदालत को आजम खां की अपील पर 10 नवंबर को फैसला करने के निर्देश दिया था। अपील में खान ने खुद को मिली सजा पर रोक लगाने का आदेश देने का आग्रह किया था ताकि उनकी विधानसभा सदस्यता बहाल की जा सके। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)
