Times Now Navbharat
live-tv
Premium

Future Weapons of India: भविष्य के वो 10 घातक हथियार, जिसपर काम कर रहा भारत; बदल कर रख देगा युद्ध का सारा समीकरण

Future Weapons of India: भारत भविष्य के हथियारों पर काम करते हुए कई वेपन सिस्टम बना रहा है। जिसमें आईएनएस विशाल, ब्रह्मोस Ⅱ, लॉन्ग-रेंज एंटी-शिप मिसाइल, प्रोजेक्ट रणजीत जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।

Image
भारत के भविष्य के 10 हथियार
Authored by: Shishupal Kumar
Updated May 19, 2026, 05:41 IST
Follow on Google News

Future Weapons of India: भारतीय सेना (Indian Army) दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर सेना मानी जाती है। Globalfirepower के अनुसार भारत मौजूदा सैन्य क्षमताओं के साथ अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथे स्थान पर है। लेकिन जरा सोचिए इस सैन्य क्षमता में भविष्य के और 10 घातक हथियार एड हो जाएं तो क्या होगा? भारत भविष्य के 10 ऐसे हथियारों पर काम कर रहा है, जो जमीन, हवा और पानी तीनों ही युद्धों का रुख बदल सकता है। दुश्मन चाहे कोई भी हो, कितना भी दूर हो, कहीं भी छिपा हो, बचना लगभग असंभव होगा। हालांकि आज भी भारत का दुश्मन किसी भी कोने में छिपकर बच नहीं सकता, लेकिन ये 10 हथियार इसकी मारक क्षमता को और बढ़ा देंगे। भारत के भविष्य के इन 10 हथियारों में हाइपरसोनिक मिसाइल, पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान, घातक टैंक, अभेद्य एयर डिफेंस जैसे वेपन सिस्टम शामिल हैं।

भविष्य के 10 बड़े हथियार कौन-कौन से?

1. ब्रह्मोस Ⅱ हाइपरसोनिक मिसाइल-

ब्रह्मोस मिसाइल से तो पूरी दुनिया परिचित है, अभी का ब्रह्मोस सुपरसोनिक है, जिसे रोकना किसी भी देश की बात नहीं है, जो इसके रेंज में है, लेकिन अब भारत ब्रह्मोस Ⅱ पर काम कर रहा है, जो हाइपरसोनिक मिसाइल होगी। ब्रह्मोस 2 की रेंज 1500 KM तक होंगी। मैक 8 की स्पीड से यह हमला कर सकेगी। डीआरडीओ इसपर तेजी से काम कर रहा है और इस साल के अंत तक ब्रह्मोस 2 मिसाइल का परीक्षण शुरू हो जाएगा।
ब्रह्मोस मिसाइल 2 (फोटो- BrahMos Aerospace)

ब्रह्मोस मिसाइल 2 (फोटो- BrahMos Aerospace)

2. लॉन्ग-रेंज एंटी-शिप मिसाइल (LRAShM):

भारत एक ऐसी एंटी शिप मिसाइल तैयार कर रहा है, जो अत्याधुनिक डिफेंस से लैस नौसेना के युद्धपोतों को निशाना बना सकती है। इसकी रेंज लगभग 1500 KM है। जिसे बाद में 3500 KM तक पहुंचाया जा सकता है। मैक 10 की गति से जब यह मिसाइल दुश्मन की ओर बढ़ती है तो इसे रोक पाना असंभव हो जाता है। LRAShM हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल (HGV) तकनीक पर आधारित है। जो पहले ऊपरी वायुमंडल तक जाती है और फिर नीचे आकर तेजी से हमला करती है। जिसके कारण इसे रडार पकड़ नहीं पाता है।

3. HAL AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft)-

भारत में बने तेजस लड़ाकू विमान का जलवा दुनिया देख रही है। भारत अब पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान पर काम कर रहा है। भारत का यह फाइटर जेट स्टील्थ टेक्नोलॉजी से लैस होगा, मतलब यह रड़ार के पकड़ में नहीं आएगा। इसमें ब्रह्मोस 2 जैसी मिसाइलें लगाई जा सकेंगी, जो इसकी मारक क्षमता को अभूतपूर्व कर देगी। परमाणु हथियार लॉन्च करने में सक्षम AMCA की गति मैक 2.15 यानि कि लगभग 2,600 किमी/घंटा होगी। यह 20,000 मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भर सकेगा। जिससे दुश्मन की नजर से यह आसानी से बचा रहेगा।

4. अग्नि-6 मिसाइल (Agni-VI ICBM Missile):

भारत अग्नि मिसाइल के छठे संस्करण का टेस्ट कर चुका है। अग्नि-VI अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (Intercontinental Ballistic Missile) भारत की सबसे खतरनाक मिसाइल मानी जा रही है। यह मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल (MIRV) तकनीक से लैस है। अग्नि 6 एक बार में 10 वारहेड तक ले जाने में सक्षम होगा, जिसकी अधिकतम रेंज 10,000 किमी से 12,000 किमी के बीच होगी। यदि भारत आईसीबीएम क्षमता को पूर्ण रूप से विकसित कर लेता है, तो अमेरिका सहित दुनिया का कोई भी देश उसकी मिसाइल हमले की सीमा में आ जाएगा।

5. आईएनएस विशाल (INS Vishal) -

भारत का अगला विमानवाहक पोत INS Vishal होगा, यह भारत का तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर होगा। साथ ही परमाणु उर्जा से चलनेवाला इकलौता। इसका वजन 65,000 से 75,000 टन के बीच होगा और लंबाई 300 मीटर होगी। इसपर एक बार में 55 फाइटर जेट तैनात किए जा सकेंगे। 2030 के अंत आईएनएस विशाल तैयार हो जाएगा।
आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य (फोटो- Indian Navy)

आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य (फोटो- Indian Navy)

6. भारत का भविष्य का टैंक प्रोजेक्ट रणजीत (Project Ranjeet)-

भारतीय सेना आने वाले समय में 'फ्यूचर रेडी कॉम्बैट व्हीकल' (FRCV) का प्रयोग करेगी, जिसके तहत 1700 से ज्यादा टैंक बनाए जाएंगे, जो रूसी T-72 टैंकों की जगह लेगा। यह भारत का सबसे बड़ा रक्षा आधुनिकीकरण कार्यक्रम है। ये टैंक हर मौसम में काम करने में सक्षम होंगे। यह मल्टी-लेयर्ड सुरक्षा कवच, लेजर वॉर्निंग सिस्टम और आधुनिक सेंसर से लैस होगा।

7. घातक ड्रोन (Ghatak UCAV)-

भारत एक ओर जहां मिसाइल, लड़ाकू विमान और टैकों पर काम कर रहा है, वहीं वो ड्रोन के क्षेत्र में भी अपने आप को मजबूत कर रहा है। घातक ड्रोन सिस्टम भारत का सबसे महत्वपूर्ण ड्रोन प्रोजेक्ट है। यह एक स्टील्थ बॉम्बर है। जो दुश्मन की नजर में आए बिना काफी अंदर तक घुस कर हमला कर सकता है। इसके चार स्क्वाड्रन पर काम चल रहा है। इसके साथ ही भारत कैट्स वॉरियर, कामिकेज और स्वार्म ड्रोन पर भी काम कर रहा है।
घातक ड्रोन (फोटो- Ministry of Defence)

घातक ड्रोन (फोटो- Ministry of Defence)

8. भारत का लेजर हथियार-

भारत लेजर हथियारों पर भी काम कर रहा है। DRDO 30 किलोवाट की शक्ति वाले एनर्जी वेपन का परीक्षण भी कर चुका है। अभी इसकी रेंज पांच किलोमीटर है, लेकिन भविष्य के लिए डीआरडीओ 300 किलोवाट वाले हथियार पर काम कर रहा है। जिसकी रेंज 20 किलोमीटर होगी।

9. अस्त्र एमके-2 मिसाइल (Astra MK-2 ) -

इस मिसाइल को डीआरडीओ बना रहा है। यह बियॉन्ड विजुअल रेंज' (BVR) से लैस हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल है, जिसका प्रयोग वायुसेना और नौसेना करेगी। इसकी रेंज 150 से 200 किलोमीटर है। यह सुखोई, तेजस, एमका में लगाई जाएगी। इस मिसाइल को यूरोपीय मेटियोर मिसाइल के टक्कर का माना जा रहा है। मतलब जिस फाइटर जेट को इसने लॉक कर लिया उसका तबाह होना पक्का है। भारत अस्त्र एमके-3 मिसाइल पर भी काम कर रहा है और घातक होगी।

10. प्रोजेक्ट कुशा (Project Kusha)-

भारत भविष्य की तैयारी के लिए ऐसे एयर डिफेंस सिस्टम को तैयार कर रहा है, जो 400 किलोमीटर की दूरी पर ही स्टील्थ फाइटर जेट, मिसाइल और ड्रोन को नष्ट कर देगा। यह स्वदेशी सिस्टम होगा। जिसमें तीन स्तरीय डिफेंस सिस्टम काम करेगा। जिसकी रेंज अलग-अलग होगी।
End of Article