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Operation Sheesh Mahal के बाद TNN रिपोर्टर को उठा ले गई पंजाब पुलिस, घंटों से लापता; केजरीवाल से करने गई थीं सवाल

  • Produced by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated May 6, 2023, 02:56 PM IST

Operation Sheesh Mahal: सबसे हैरत की बात है कि पुलिस ने उन्हें अपने साथ ले जाने के पीछे न तो कोई स्पष्ट कारण बताया और न ही स्पष्टीकरण दिया। फिलहाल (खबर लिखे जाने तक) उनका कोई अता-पता नहीं है और वह सात घंटे से गायब हैं।

Operation Sheesh Mahal: ऑपरेशन शीश महल के बाद शुक्रवार (पांच मई, 2023) को पंजाब में टाइम्स नेटवर्क की एक महिला पत्रकार को हिरासत में ले लिया गया। आपके प्रिय हिंदी चैनल 'टाइम्स नाऊ नवभारत' की संवाददाता भावना किशोर लुधियाना में आप संयोजक और दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल से सवाल करने गई थीं, तभी उन्हें पुरुष पुलिसवाले अपने साथ उठा ले गए थे।

सबसे हैरत की बात है कि पुलिस ने उन्हें अपने साथ ले जाने के पीछे न तो कोई स्पष्ट कारण बताया और न ही स्पष्टीकरण दिया। फिलहाल (खबर लिखे जाने तक) उनका कोई अता-पता नहीं है और वह सात घंटे से गायब हैं। हालांकि, सूत्रों के हवाले से खबर आई कि वह वहां के डिविजन-3 थाने में हो सकती हैं, जबकि राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने बताया कि उन्होंने पंजाब पुलिस से पूरे मामले की जानकारी मांगी है।

रात के वक्त महिला पत्रकार का फोन भी स्विच ऑफ बताने लगा। इस बीच, उनके भाई ने बताया, बहन भावना कैसी स्थिति में है...हमें इस बारे में कुछ भी नहीं पता है। मुझे पंजाब पुलिस से कोई फोन नहीं आया है। अरविंद केजरीवाल और पंजाब पुलिस तानाशाही कर रही है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने दावा किया- रोडरेज तो बहाना (पुलिस का) है। शीशमहल पर खुलासे के बाद मकसद केजरीवाल की इज्जत को बचाना है।

वहीं, बीजेपी के प्रवक्ता ने इस मसले पर कहा, "मैं महिला रिपोर्टर को बंधक बनाए जाने की निंदा करता हूं। केजरीवाल और पंजाब सरकार (सीएम भगवंत मान के नेतृत्व वाली) तानाशाही कर रही है।" इस बीच, आप के प्रवक्ता गोविंद मित्तल ने इस बारे में बताया, "पंजाब में चुनी हुई सरकार है...घबराने की जरूरत नहीं है। कानून से ऊपर कोई नहीं है।"

दरअसल, टाइम्स नाऊ नवभारत ने हाल ही में ऑपरेशन शीश महल दिखाया था। जांच-पड़ताल के दौरान हाथ लगे दस्तावेजों और फोटो-वीडियो से यह खुलासा हुआ कि दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने कोरोना काल में रेनोवेशन (सुंदरीकरण) के नाम पर अपने सरकारी आवास के रेनोवेशन पर 44 करोड़ रुपए से अधिक की रकम खर्च की थी।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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