Bihar Elections: बिहार का चुनावी पारा गर्म नजर आ रहा है। राजग में सीट बंटवारे के बाद भाजपा, जदयू और जीतन राम मांझी की 'हम' ने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करना शुरू कर दिया है, लेकिन उपेंद्र कुशवाहा नाराज लग रहे हैं और भाजपा उन्हें मनाने में जुटी है। सहयोगी दलों के साथ बातचीत और मान मनौव्वल के बाद राजग ने सीट बंटवारों का ऐलान किया था। इसके बावजूद उपेंद्र कुशवाहा को भाजपा संतुष्ट नहीं कर पाई और वह अब कहने लगे हैं- नथिंग इज वेल इन एनडीए... साथ ही उन्होंने बुधवार की दोपहर 12:30 बजे पार्टी नेताओं की आपात बैठक बुलाई है।
क्यों नाराज हुए उपेंद्र कुशवाहा
लंबी दौर की बातचीतों के राजग में आखिर ऐसा क्या हुआ, जो उपेंद्र कुशवाहा नाराज हो गए और देर रात तक भाजपा नेताओं ने उन्हें मनाने की कोशिश की? दरअसल, उपेंद्र कुशवाहा को जो सीटें मिली थीं उनमें बदलाव किया गया और इस बात से वह खफा हो गए और अब उनका यह कहना कि इस समय राजग में सब कुछ ठीक नहीं है... उनकी भाजपा के साथ नाराजगी की खबरों को पुख्ता कर रहा है।
किस सीट को लेकर बढ़ी नाराजगी?
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, महुआ सीट को बदलकर गोह सीट से चुनाव लड़ने के आदेश पर उपेंद्र कुशवाहा नाराज हुए। ऐसे में भाजपा ने उपेंद्र कुशवाहा की नाराजगी को दूर करने का जिम्मा नित्यानंद राय और सम्राट चौधरी को सौंपा। देर रात तक चली बैठक के बाद सम्राट चौधरी ने इशारों-इशारों में सबकुछ ठीक होने के संकेत दिए, लेकिन उपेंद्र कुशवाहा की बातों से ऐसा लग नहीं रहा है। वहीं, नित्यानंद राय ने कहा कि चुनाव का समय है इसलिए मिलने के लिए आया हूं।
उपेंद्र कुशवाहा ने क्यों मांगी माफी
हाल ही में उपेंद्र कुशवाहा ने एक पोस्ट के जरिए पार्टी नेताओं से माफी मांगी। उन्होंने कहा था, ''आप सभी से क्षमा चाहता हूं। आपके मन के अनुकूल सीटों की संख्या नहीं हो पायी। मैं समझ रहा हूं, इस निर्णय से अपनी पार्टी के उम्मीदवार होने की इच्छा रखने वाले साथियों सहित हजारों - लाखों लोगों का मन दुखी होगा। आज कई घरों में खाना नहीं बना होगा। परंतु आप सभी मेरी एवं पार्टी की विवशता और सीमा को बखूबी समझ रहे होंगे। किसी भी निर्णय के पीछे कुछ परिस्थितियां ऐसी होती हैं, जो बाहर से दिखतीं हैं, मगर कुछ ऐसी भी होती हैं, जो बाहर से नहीं दिखतीं।''
उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि अंदर की परिस्थितियों से अनभिज्ञता के कारण आपके मन में मेरे प्रति गुस्सा भी होगा, जो स्वाभाविक भी है। आपसे विनम्र आग्रह है कि आप गुस्सा को शांत होने दीजिए, फिर आप स्वयं महसूस करेंगे कि फैसला कितना उचित है या अनुचित। फिर कुछ आने वाला समय बताएगा। फिलहाल इतना ही।
