देश

बिहार के एक गांव के इस व्यापारी को मिलेगा प्रवासी भारतीय का सर्वोच्च सम्मान, राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

  • Authored by: प्रेरित कुमार
  • Updated Jan 5, 2023, 06:25 PM IST

honor of Pravasi Bharatiya: 52 वर्षीय अशोक तिवारी पेशे से शायना फार्मा कंपनी के सीएमडी हैं। लंबे समय से वे अपने दवा कारोबार के साथ साथ ताशकंद में सामाजिक रूप से भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं।

Image

अशोक तिवारी को भारत सरकार 'प्रवासी भारत सम्मान' से सम्मानित करने जा रही है

KEY HIGHLIGHTS

  1. अशोक तिवारी को भारत सरकार 'प्रवासी भारत सम्मान' से सम्मानित करने जा रही है
  2. तिवारी उज्बेकिस्तान में रहने वाले भारतीय समुदाय के चेयरमैन भी हैं
  3. अशोक तिवारी भारत सरकार के इस फैसले से खुद चौंक गए

Highest Honor of Pavasi Bharatiya : बिहार के सारण जिले के पकरी गांव से जाकर उज्बेकिस्तान (ताशकंद) में व्यवसाय करने वाले अशोक तिवारी को भारत सरकार 'प्रवासी भारत सम्मान' से सम्मानित करने जा रही है। विदेश में रहकर अपना नाम कमाने वाले भारतीयों को दिया जाने वाला यह सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है। तिवारी उन 27 लोगों में शामिल हैं, जिन्हें मध्यप्रदेश के इंदौर में 8 से 10 जनवरी में आयोजित होने वाले प्रवासी भारतीय समारोह में इस पुरस्कार नवाजा जाएगा।

तिवारी उज्बेकिस्तान में रहने वाले भारतीय समुदाय के चेयरमैन भी हैं। वे भारत की संस्कृति, मूल संस्कार, विरासत और उसकी पहचान को विदेशी की धरती में जीवित रखने के लिए समय समय पर कई तरह के कार्यक्रम भी आयोजित करते आए हैं।

अशोक तिवारी भारत सरकार के इस फैसले से खुद चौंक गए

उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा कि,यह मेरे लिए भी आश्चर्य की बात है। यह पुरस्कार पाकर मैं बहुत खुश हूँ। भारत सरकार ने उज्बेकिस्तान में भारतीय समुदाय के लिए किए गए मेरे काम को पहचाना और सराहा है। यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि मेरे जन्मभूमि भारत ने मेरे काम को मान्यता दी है। दवाइयों के व्यवसाय करने के आलावा, मैं समाज को कुछ देने में विश्वास रखता हूं।

उन्होंने कहा, इस पुरस्कार के लिए मैं भारत सरकार और हर भारतीय को धन्यवाद देना चाहूंगा। आप दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न रहते हो लेकिन आपका जज्बा हमेशा भारत माता के गौरव को बढ़ाने वाला होना चाहिए। इस पुरस्कार को मैं अपनी मां, अपने परिवार, मेरे दोस्त और मेरी कर्मभूमि उज्बेकिस्तान समर्पित करना चाहता हूं। इस महत्वपूर्ण पुरस्कार के लिए मैं उज्बेकिस्तान में बसे हर भारतीय दिल से धन्यवाद देना चाहता हूं। जो पिछले 20 वर्षों से मेरे हर कदम पर मेरे साथ है।

इन पुरस्कारों के लिए 27 अप्रवासी भारतीयों को चुना गया है

हाल ही में भारत सरकार ने 17 वें प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार का ऐलान किया। इन पुरस्कारों के लिए 27 अप्रवासी भारतीयों को चुना गया है। यह प्रवासी भारतीयों को दिया जाने वाला सबसे बड़ा पुरस्कार है, जो विदेशों में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए दिया जाता है। इस बार प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का आयोजन मध्य प्रदेश के इंदौर में 8 से 10 जनवरी के बीच किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, 10 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू प्रवासी भारतीय सम्मान प्रदान करेंगी। प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार एनआरआई, भारतीय मूल के लोगों या उनकी ओर से चलाई जा रही संस्थाओं को दिया जाता है, जो विदेशों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करते हैं

ऐसे होता है पुरस्कार के लिए चयन

प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार के लिए नामों के चयन को लेकर बनाई गई समिति की अध्यक्षता उपराष्ट्रपति करते हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर इस कमेटी के उपाध्यक्ष हैं। वहीं, इस समिति के अन्य सदस्य अलग-अलग जगहों से आते हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार के लिए समिति नामांकनों पर विचार करती है और सर्वसम्मति से विजेताओं का चयन किया जाता है।

प्रेरित कुमार
प्रेरित कुमारauthor

मैं एक जिज्ञासु पत्रकार हूँ, जो खबरों के हर पहलू को निष्पक्षता के साथ पाठकों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य का अनुभव रखता हूँ। पत्रकारिता की दुनिया में एक दशक से सक्रिय हूँ। समाज और सच्चाई को जोड़ने वाली सार्थक पत्रकारिता में विश्वास करता हूँ।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें

'यूनिफॉर्म के पीछे भी एक इंसान है, जिसका अपना परिवार...', CJP प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने लिखा इमोशनल ओपन लेटर

'यूनिफॉर्म के पीछे भी एक इंसान है, जिसका अपना परिवार...', CJP प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने लिखा इमोशनल ओपन लेटर

पंजाब के CM भगवंत मान से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की CBI जांच का मामला, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस शील नागू सुनवाई से हुए अलग

पंजाब के CM भगवंत मान से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की CBI जांच का मामला, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस शील नागू सुनवाई से हुए अलग

केरल हाईकोर्ट का पूर्व CM पिनराई विजयन को बड़ा झटका: CMRL मामले में FIR दर्ज करने के आदेश, राज्य सरकार की SIT रद्द

केरल हाईकोर्ट का पूर्व CM पिनराई विजयन को बड़ा झटका: CMRL मामले में FIR दर्ज करने के आदेश, राज्य सरकार की SIT रद्द

आप इसलिए पूरा शहर बंद नहीं कर सकते क्योंकि आप प्रदर्शन संभाल नहीं सकते- ट्रेनें रद्द होने और मेट्रो बंद होने का मुद्दा पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

आप इसलिए पूरा शहर बंद नहीं कर सकते क्योंकि आप प्रदर्शन संभाल नहीं सकते- ट्रेनें रद्द होने और मेट्रो बंद होने का मुद्दा पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

CJP Protest: 'मेट्रो शट डाउन, रेलवे शट डाउन, इंटरनेट शट डाउन...', प्रदर्शन से पहले की पाबंदियों पर अभिजीत दीपके ने कसा तंज

CJP Protest: 'मेट्रो शट डाउन, रेलवे शट डाउन, इंटरनेट शट डाउन...', प्रदर्शन से पहले की पाबंदियों पर अभिजीत दीपके ने कसा तंज