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एयर इंडिया का AI-171 प्लेन कैसे हुआ क्रैश, पता लगाने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने गठित की समिति; SOP की भी करेगी जांच

एयर इंडिया प्लेन क्रैश की जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जा सके, इसके लिए सरकार ने एक समिति का गठन किया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है।

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एयर इंडिया का AI-171 अहमदाबाद में हुआ था क्रैश

Photo : AP

एयर इंडिया के AI-171 प्लेन क्रैश के कारणों को जानने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक समिति का गठन किया है। यह समिति अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जांच तो करेगी ही साथ ही सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा करेगा। इस प्लेन क्रैश में विमान में सवाल 241 लोग समेत 265 लोगों की मौत हो गई है।

भविष्य में कैसे रूके प्लेन क्रैश इसपर भी होगा काम

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने ट्वीट कर इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि 12 जून, 2025 को अहमदाबाद से गैटविक हवाई अड्डे (लंदन) के लिए एयर इंडिया की उड़ान AI-171 के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारणों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय बहु-विषयक समिति का गठन किया गया है। समिति ऐसी घटनाओं को रोकने और संभालने के लिए जारी मौजूदा मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) और दिशानिर्देशों की जांच करेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए व्यापक दिशानिर्देश सुझाएगी।

जांच से इतर जिम्मेदारी

आगे मंत्रालय ने कहा कि समिति संबंधित संगठनों द्वारा की जा रही अन्य जांचों का विकल्प नहीं होगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और संभालने के लिए एसओपी तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।

242 में से 241 की मौत

लंदन के गैटविक जा रहा एअर इंडिया का विमान बृहस्पतिवार दोपहर अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद एक आवासीय इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई थी। हादसे को हुए 30 घंटे से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक केवल छह पीड़ितों के शव शिनाख्त के बाद उनके परिवारों को सौंपे गए हैं। कई यात्रियों के परिजनों ने अपने खून के नमूने दिए, ताकि उनके डीएनए का मिलान पीड़ितों के डीएनए से कर उनकी शिनाख्त की जा सके।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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