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कुछ देशों की विदेश नीति का हिस्सा है आतंकवाद, पाकिस्तान पर पीएम ने साधा निशाना

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Nov 18, 2022, 11:41 AM IST

नो मनी फॉर टेरर मिनिस्ट्रियल कांफ्रेंस में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो देश आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं उससे होने वाले नुकसान की भरपायी उन देशों से की जानी चाहिए।

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नरेंद्र मोदी, पीएम

नो मनी फॉर टेरर(no money for terror) मिनिस्ट्रियल कांफ्रेंस में पीएम नरेंद्र मोदी(narendra modi) ने स्पष्ट तौर पर कहा कि पिछले कई दशकों से आतंकवाद अलग अलग नाम और रूप में भारत को नुकसान पहुंचा चुका है। हमने इस लड़ाई में हजारों लोगों को खोया है। लेकिन आतंकवाद(fight against terrorism) के खिलाफ लड़ाई हमने बहादुरी से लड़ी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अलग अलग हमलों के खिलाफ हमारी प्रतिक्रिया जगह के हिसाब से नहीं बदलनी चाहिए। दुनिया के किसी भी कोने में जहां भी आतंकी हमले होते हों उसकी प्रतिक्रिया एक जैसी होनी चाहिए। आतंकवाद जैसे वैश्विक खतरे को आप अस्पष्ट तरीके से नहीं निपट सकते। आतंकवाद, मानवता, स्वतंत्रता और सभ्यता पर हमला है।

पाकिस्तान-अफगानिस्तान पर निशाना

पाकिस्तान और अफगानिस्तान पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर दोनों देश अंतरराष्ट्रीय मंच पर नहीं दिखाई दिए। दरअसल कुछ देशों की विदेश नीति की आतंकवाद हिस्सा है। वो मुल्क आतंकवाद को राजनीतिक, वैचारिक और आर्थिक मदद देते हैं। ऐसे देशों के खिलाफ आतंकवाद से होने वाले नुकसान की भरपायी होनी चाहिए। आतंकवाद की वजह से सबसे अधिक प्रभाव गरीब लोगों को स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। कोई भी शख्स उन इलाकों को नहीं पसंद करता है जहां लगातार खतरा बना हुआ हो।

आतंकवाद हर एक लिए हो बराबर

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जब सार्थक तौर पर कार्रवाई शुरू हुई उससे पहले इसके काले चेहरे को देश देख चुका है। हम इस बात का स्पष्ट तरीके से मानते हैं कि एक अकेला आतंकी हमला भी अपने आप में ढेर सारे अटैक होते हैं। अगर एक जिंदगी का नुकसान होता है तो वो कई जिंदगियों के नुकसान के बराबर है, लिहाजा इसके खिलाफ जंग तब तक जारी रहेगी जब तक जड़ से ना उखाड़ फेंके।

ललित राय
ललित रायauthor

खबरों को सटीक, तार्किक और विश्लेषण के अंदाज में पेश करना पेशा है। पिछले 10 वर्षों से डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव है।

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