जेल में बंद कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने मंगलवार को दावा किया कि उनके पति पर लगे आरोपों का जवाब देते हुए छठी अनुसूची को लागू करने से बचने और किसी को बलि का बकरा बनाने के लिए एक 'मनगढ़ंत कहानी' गढ़ी गई है।उन्होंने पुलिस पर निशाना साधा और लद्दाख के पुलिस महानिदेशक एसडी सिंह जामवाल के बयानों की निंदा की।
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए, उन्होंने कहा, 'हम लद्दाख के डीजीपी के बयानों की कड़ी निंदा करते हैं। न केवल मैं, बल्कि लद्दाख में हर कोई इन आरोपों की निंदा करता है।' गौरतलब है कि लद्दाख के डीजीपी ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसमें उन्होंने वांगचुक के पाकिस्तान से संबंधों का आरोप लगाया था और पड़ोसी देशों की उनकी यात्राओं पर सवाल उठाए थे।
वांगचुक की पत्नी ने सुरक्षा बलों की भूमिका पर सवाल उठाए
24 सितंबर की घटनाओं को 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए, उन्होंने सुरक्षा बलों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'सीआरपीएफ को गोली चलाने का आदेश किसने दिया? अपने ही लोगों, अपने ही नागरिकों पर गोली किसने चलाई? खासकर ऐसे इलाके में जहाँ कभी कोई हिंसक प्रदर्शन नहीं हुआ।'
अपने पति के अशांति में शामिल होने के आरोपों को खारिज करते हुए, उन्होंने कहा कि वांगचुक केवल शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों में शामिल थे।उन्होंने कहा, 'सोनम वांगचुक ने क्या उकसाया होगा? उन्हें इस सब के बारे में कुछ पता नहीं था। वह कहीं और थे, जहाँ वह भूख हड़ताल पर थे।' इसके बजाय, उन्होंने पुलिस पर एक 'एजेंडे' के साथ काम करने और किसी को बलि का बकरा बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, 'डीजीपी जो भी कह रहे हैं, उनका एक एजेंडा है। वे किसी भी हालत में छठी अनुसूची को लागू नहीं करना चाहते और किसी को बलि का बकरा बनाना चाहते हैं।'
