Assam Bandh Today: सोय जनगोष्ठी जौथा मंच (छह जातीय जनजातियों का संयुक्त मंच) ((Soy Janagosthi Joutha Mancha)) ने आज (15 नवंबर) 12 घंटे के असम बंद का आह्वान किया है। इस मंच की मांग है कि छह जातीय समुदायों को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा दिया जाए। सोया जनगोष्ठी जौथा मंच छह जातीय समूहों का एक गठबंधन है जिसमें आदिवासी, चुटिया, कोच-राजबंशी, मटक, मोरन और ताई-अहोम शामिल हैं। मंच का आरोप है कि असम और केंद्र में BJP के नेतृत्व वाली सरकारों के "छह समुदायों की भावनाओं के साथ खिलवाड़" किया है जिसके जवाब में बंद का आह्वान किया गया है। मंच ने 30 नवंबर को दिल्ली में धरना देने का भी फैसला किया है।
बिरसा मुंडा का जन्मदिन
इस बीच, असम आदिवासी सन्मिलन (AAS) ने सोया जनगोष्ठी जुठो मंच से असम बंद को वापस लेने का आग्रह किया है क्योंकि उस दिन आदिवासी नायक बिरसा मुंडा का जन्मदिन है। एएएस महासचिव डेविड होरो के अनुसार 18वीं शताब्दी में बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह कर दिया और नायक की जयंती को 'गौरव दिवस' का दर्जा दिया गया है। उनके अनुसार, यह अवसर असम में भी मनाया जाता है। होरो ने कहा कि आस सोया जनागोष्ठी जौथो मंच की मांग का पूरा समर्थन करता है। उन्होंने कहा, "हालांकि, गौरव दिवस के मद्देनजर 15 नवंबर को असम बंद का आह्वान वापस ले लिया जाना चाहिए।"
सीएम की अपील
इस बीच मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को कहा कि असम सरकार मूल निवासियों को उनके स्व प्रमाणन के आधार पर जमीन का अधिकार प्रदान करने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वप्रमाणन में बताना कि दावेदार उस जमीन पर तीन पीढ़ियों से रह रहा है।उन्होंने कहा कि भूस्वामित्व के अभाव में लोगों के मन में असुरक्षा बोध पैदा होता है जिसका असामाजिक तत्व फायदा उठाते हैं। मुख्यमंत्री ने लक्षित लाभार्थियों से खासकर इस मकसद के लिए शुरू किये गये ‘मिशन बंसुधरा 2.0’ का लाभ उठाने की भी अपील की।
