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पाकिस्तानी सहेली का दावा: फ्रॉड है सीमा हैदर, Viral Video में किए कई सनसनीखेज खुलासे

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 16, 2023, 11:09 AM IST

Seema Haider Sachin Love Story: युवती ने दावा किया है कि सीमा हैदर एक धोखेबाज महिला है और पाकिस्तान के हिंदुओं और मुसलमानों के साथ लगातार धोखा करती आई है। वह इस्लाम छोड़कर हिंदू बन गई है और वह आगे क्रिश्चियन भी बन सकती है।

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Seema Haider Sachin Love Story

Photo : Twitter

Seema Haider Sachin Love Story: पाकिस्तान से चार बच्चों के साथ भारत आई सीमा हैदर इन दिनों चर्चा मैं। ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में सचिन के साथ रह रही सीमा हैदर को लेकर नई-नई बातें सामने आ रही हैं। अब इस मामले में एक पाकिस्तानी युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। युवती की ओर से दावा किया गया है कि वह सीमा हैदर की बचपन की सहेली है और उसे काफी अच्छे से जानती है।

युवती ने दावा किया है कि सीमा हैदर एक धोखेबाज महिला है और पाकिस्तान के हिंदुओं और मुसलमानों के साथ लगातार धोखा करती आई है। महिला ने कहा कि सीमा हैदर एक भारतीय लड़के के लिए इस्लाम छोड़कर हिंदू बन गई है और वह आगे क्रिश्चियन भी बन सकती है।

युवती का दावा-सीमा के कई पुरुष दोस्त

खुद को सीमा की सहेली बताने वाली युवती ने दावा किया है कि सीमा हैदर के कई पुरुष दोस्त हैं और वह सभी के साथ ऐसा ही करती है। उसने कहा, सचिन के मामले में वह जो कुछ कर रही है, वह एक ड्रामा है। सीमा ने भारत जाकर क्रिकेट मैच देखने की बात कही थी, लेकिन वह वहां जाकर हिंदू बन गई। सीमा ने कहा है कि सचिन उससे बचकर रहें, वह महिला बहुत बड़ी धोखेबाज और फ्रॉड है।

एक युवक का वीडियो भी आ चुका है सामने

युवती से पहले पाकिस्तान के एक अन्य युवक का भी वीडियो सामने आ चुका है। उसने दावा किया था कि वह सीमा का पूर्व प्रेमी है। युवक ने कहा कि सचिन से पहले सीमा ने पबजी के माध्यम से उससे संपर्क किया था और दोनों के बीच बातचीत भी होती थी। युवक का कहना है कि सीमा सबकुछ छोड़कर उसके पास आने के लिए तैयार थी। युवक ने बताया, सीमा भारत में वर्ल्ड कप 2023 देखना चाहती थी और कहा कि विश्वकप देखकर वह वापस आ जाएगी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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