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राजकोट अग्निकांड में 5वीं गिरफ्तारी, गेम जोन के एक और पार्टनर किरीट सिंह जडेजा को क्राइम ब्रांच ने दबोचा

Gujarat News: राजकोट अग्निकांड में गेम जोन का एक और साझेदार गिरफ्तार हुआ है। इसी के साथ इस मामले में क्राइम ब्रांच ने 5वीं गिरफ्तारी को अंजाम दिया है। टीआरपी गेम जोन का एक और पार्टनर किरीट सिंह जडेजा अब सलाखों के पीछे है। वहीं इस मामले से जुड़ा अपडेट सामने आया है कि एक अन्य आरोपी की घटना में मौत हो गई है।

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राजकोट गेम जोन का एक और पार्टनर गिरफ्तार।

Photo : Times Now Digital

Rajkot Fire Case: गुजरात पुलिस ने राजकोट स्थित ‘टीआरपी गेम जोन’ के एक और साझेदार को गिरफ्तार किया है जबकि एक अन्य आरोपी की हादसे में मौत हो गयी थी। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। इस गेम जोन में पिछले सप्ताह लगी आग में 27 लोगों की मौत हो गयी थी। पुलिस के अनुसार, अब इस मामले के संबंध में गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर पांच हो गयी है।

राजकोट आग मामले में हुई 5वीं गिरफ्तारी

टीआरपी गेम जोन के एक और पार्टनर की गिरफ्तारी गई है। राजकोट क्राइम ब्रांच ने किरीट सिंह जडेजा को गिरफ्तार किया है। राजकोट के पुलिस उपायुक्त (अपराध) पार्थराजसिंह गोहिल ने बताया कि गेम जोन चलाने वाली रेसवे इंटरप्राइज के एक साझेदार किरीट सिंह जडेजा को मंगलवार रात को राजकोट-कलावाड रोड से गिरफ्तार किया गया।

मामले में अब तक किन 5 की हुई गिरफ्तारी?

  1. युवराज सिंह सोलंकी (Yuvraj Sinh Solanki)
  2. धवल ठक्कर (Dhawal Thakkar)
  3. राहुल राठौड़ (Rahul Rathod)
  4. किरीटसिंह जडेजा (Kiritsinh Jadeja)
  5. नितिन जैन (Nitin Jain)

छह साझेदारों में से एक है किरीट सिंह जडेजा

किरीट सिंह जडेजा आग लगने की इस घटना में आरोपी के तौर पर नामजद टीआरपी गेम जोन के छह साझेदारों में से एक है और उस पर गैर इरादतन हत्या समेत भारतीय दंड संहिता के विभिन्न प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। गोहिल ने बताया, 'हमने गत रात राजकोट के समीप आरोपी किरीट सिंह जडेजा को गिरफ्तार कर लिया जिससे मामले में अभी तक गिरफ्तार लोगों की संख्या पांच हो गयी है।'

उन्होंने कहा, 'प्राथमिकी में नामजद छह व्यक्तियों में से एक प्रकाश हिरन की आग लगने की घटना में मौत हो गयी। जांच के दौरान एक मृतक के डीएनए नमूने का हिरन के परिजन से मिलान हो गया जिससे उसकी मौत की पुष्टि हुई।' अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने पहले गेम जोन के साझेदार युवराजसिंह सोलंकी, राहुल राठौड, धवल ठक्कर और उसके प्रबंधक नितिन जैन को गिरफ्तार किया है।

किन धाराओं के तहत दर्ज किया गया है मामला?

प्राथमिकी के अनुसार, आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), 308 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास), 337 (ऐसे कृत्य से चोट पहुंचाना जो दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालता है), 338 (किसी व्यक्ति के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कृत्य करके उसे गंभीर चोट पहुंचाना) और धारा 114 (अपराध होने पर किसी व्यक्ति की मौजूदगी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

गेम जोन में 25 मई को लगी आग में 27 लोगों की मौत हो गयी थी। ज्यादातर लोगों के शव इतनी बुरी तरह जल गए कि उनकी शिनाख्त कर पाना मुश्किल है। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक 25 शवों की पहचान की गयी है और उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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