देश

Pune Porsche Car Accident: पोर्शे कार हादसे में नाबालिग आरोपी के पिता को पुलिस ने किया गिरफ्तार, दो की हुई थी मौत

Pune Porsche Car Accident: महाराष्ट्र पुलिस ने पोर्शे कार चला रहे नाबालिग आरोपी के पिता को संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया है। बता दें, रविवार को आरोपी ने तेज रफ्तार लग्जरी कार पोर्शे से मोटरसाइकिल सवार को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी।

Image

पुणे कार एक्सीडेंट

Pune Porsche Car Accident: पुणे में पोर्शे कार हादसा मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। महाराष्ट्र पुलिस ने कार चला रहे नाबालिग आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल को संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया है। बता दें, रविवार को आरोपी ने तेज रफ्तार लग्जरी कार पोर्शे से मोटरसाइकिल सवार को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, पुलिस ने 17 वर्षीय नाबालिग आरोपी पर भी बालिग की तरह मुकदमा चलाने की तैयारी कर ली है।

पुलिस ने सोमवार को कहा कि वह एक 17 वर्षीय किशोर के खिलाफ वयस्क के रूप में मुकदमा चलाने के लिए उच्च न्यायालय से अनुमति लेंगे जिसकी कार ने कल्याणी नगर इलाके में दो लोगों को कथित रूप से टक्कर मार दी थी और जिसके चलते उनकी मौत हो गयी थी।

निबंध लिखवाकर मिल गई थी जमानत

नाबालिग आरोपी को हादसे के बाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया था, जिसके बाद उसे किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया गया और बोर्ड ने उसे जमानत दे दी। बोर्ड ने किशोर को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय का दौरा करने और सभी नियमों और विनियमों का अध्ययन करने और 15 दिनों के भीतर बोर्ड को एक निबंध प्रस्तुति प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया। आदेश में कहा गया है कि किशोर सड़क दुर्घटनाओं और उनके समाधान के विषय पर 300 शब्दों का एक निबंध लिखेगा। किशोर न्याय बोर्ड द्वारा उसी दिन किशोर को सड़क दुर्घटनाओं पर एक निबंध लिखने के लिए कहते हुए जमानत देने के फैसले की आलोचना हुई थी।

नशे में था आरोपी

पुलिस ने सोमवार को दावा किया कि रियल एस्टेट डेवलपर का बेटा दुर्घटना के समय नशे में था। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) और मोटर वाहन अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि पार्टी करने के बाद कुछ दोस्त रविवार की सुबह करीब 3.15 बजे मोटरसाइकिल पर लौट रहे थे तभी कल्याणी नगर जंक्शन पर एक तेज रफ्तार लग्जरी कार ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। मोटरसाइकिल पर सवार दोनों युवक जिनका नाम अनीस अवधिया और अश्विनी कोस्टा था, उनकी चोट लगने के कारण मृत्यु हो गई।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article