देश

पीएम मोदी ने दरभंगा में रखी AIIMS की आधारशिला, बिहार को दी 12100 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात

PM Modi in Bihar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दरभंगा में एम्स की आधारशिला रखी और बिहार में 12,100 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया।

Image

बिहार के दरभंगा में पीएम मोदी।

Bihar News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बिहार का दौरा किया और करीब 12,100 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। जिनमें दरभंगा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की आधारशिला भी शामिल है। एक अनूठी पहल के तहत पीएम मोदी ने देशभर में रेलवे स्टेशनों पर 18 जन औषधि केंद्रों का लोकार्पण भी किया।

बिहार में बहुत विकास हो रहा है- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने दरभंगा में एम्स की आधारशिला रखने के बाद कहा बिहार में पूर्ववर्ती सरकारों को कभी स्वास्थ्य ढांचे की फिक्र नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि बिहार में बहुत विकास हो रहा है, राजग सरकार जनता के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

दरभंगा में AIIMS के निर्माण पर क्या बोले मोदी?

पीएम मोदी ने कहा कि दरभंगा AIIMS के निर्माण से बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में बहुत बड़ा परिवर्तन आएगा। इससे मिथिला, कोसी और तिरहुत क्षेत्र के अलावा पश्चिम बंगाल और आस पास के कई क्षेत्रों के लोगों के लिए सुविधा होगी। नेपाल से आने वाले मरीज भी इस AIIMS अस्पताल में इलाज करा सकेंगे। AIIMS से यहां रोजगार और स्वरोजगार के अनेक अवसर बनेंगे। उन्होंने आगे कहा कि 'आयुष्मान भारत योजना' से देश में करीब चार करोड़ लोगों का इलाज हो चुका है। अगर आयुष्मान भारत योजना न होती, तो इनमें से ज्यादातर लोग अस्पताल में भर्ती ही नहीं हो पाते। मुझे खुशी है कि इनके जीवन की बहुत बड़ी चिंता NDA सरकार की योजना से दूर हुई। आयुष्मान योजना से करोड़ों परिवारों को करीब सवा लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने दरभंगा में कहा कि आज पड़ोसी राज्य झारखंड में पहले चरण के लिए मतदान हो रहा है। झारखंड के लोग 'विकसित झारखंड' के सपने को पूरा करने के लिए वोट डाल रहे हैं। मैं झारखंड के सभी मतदाताओं से आग्रह करूंगा कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में मतदान में हिस्सा लें।

पीएम मोदी ने शारदा सिन्हा को अर्पित की श्रद्धांजलि

उन्होंने कहा कि मैं मिथिला की धरती की बेटी स्वर कोकिला शारदा सिन्हा जी को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। शारदा सिन्हा जी ने भोजपुरी और मैथिली संगीत की जो सेवा की है, वो अतुलनीय है। महापर्व छठ की महिमा को जिस तरह उन्होंने अपने गीतों से पूरी दुनिया में पहुंचाया, वो अद्भुत है।

क्षेत्र के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ने दरभंगा में 1,260 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की आधारशिला रखी। इसमें एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और एक आयुष ब्लॉक, एक मेडिकल कॉलेज, एक नर्सिंग कॉलेज, एक रैन बसेरा और आवासीय सुविधाएं भी होंगी। दरभंगा के आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करेगा।

सड़क और रेल दोनों क्षेत्रों में बढ़ावा देने का प्लान

मोदी की इस यात्रा में सड़क और रेल दोनों क्षेत्रों में नई परियोजनाओं के माध्यम से संपर्क को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रधानमंत्री ने बिहार में लगभग 5,070 करोड़ रुपये की कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसके मुताबिक वह राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-327ई के गलगलिया-अररिया खंड का उद्घाटन किया। यह गलियारा पूर्वी-पश्चिमी गलियारे (एनएच -27) पर अररिया से पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के गलगलिया तक एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करेगा।

दो रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) का भी उद्घाटन

मोदी राष्ट्रीय राजमार्ग-322 और राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर दो रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) का भी उद्घाटन किया। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने बंधुगंज में एनएच -110 पर एक बड़े पुल का उद्घाटन किया जो जहानाबाद को बिहारशरीफ से जोड़ेगा। पीएम मोदी ने आठ राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखी जिनमें रामनगर से रोसड़ा तक, बिहार-पश्चिम बंगाल सीमा से राष्ट्रीय राजमार्ग-131ए के मनिहारी खंड तक, हाजीपुर से बछवाड़ा वाया महनार और मोहिउद्दीन नगर, सरवन-चकई खंड समेत कई अन्य परियोजनाएं शामिल हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!