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PM Modi की रैली को रोकने की कोशिश! जहां उतरना था प्रधानमंत्री का हेलिकॉप्टर, वहां छोड़ दिया गया नहर का पानी; क्या है मामला

PM Modi Hoshiarpur Rally: होशियारपुर के दशहर मैदान में पीएम मोदी की रैली होनी थी। यहां प्रधानमंत्री का हेलिकॉप्टर उतरने के लिए हेलीपैड बनाया गया था। इस जगह से करीब तीन किलोमीटर दूर कंडी कनाल नहर निकलती है। रैली शुरू होने ही वाली थी कि इस नहर के फाटक को किसी ने खोल दिया, जिसके बाद इसका पानी रैली स्थल की तरफ बढ़ने लगा।

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PM Modi Hoshiarpur rally

Photo : Twitter

PM Modi Hoshiarpur Rally: लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया है। दरअसल, गुरुवार को पीएम मोदी ने पंजाब के होशियारपुर के दशहरा मैदान में अपनी अंतिम चुनावी रैली को संबोधित किया। पीएम मोदी के यहां पहुंचने से पहले रैली को रोकने और रैली स्थल को अस्तव्यस्त करने की पूरी कोशिश की गई थी। जानकारी के मुताबिक, जिस जगह पर प्रधानमंत्री मोदी का हेलिकॉप्टर उतरने के लिए हेलीपैड बनाया गया था, वहां से करीब तीन किलोमीटर दूर किसी ने नहर का पानी खोल दिया था। इसके बाद नहर का पानी हेलीपैड और रैली स्थल की तरफ बढ़ने लगा था।

जैसे ही इस मामले की जानकारी प्रशासन को हुई, अधिकारियों के हाथ-पांच फूल गए। आनन-फानन में हेलीपैड से करीब दो किलोमीटर दूर जेसीबी की मदद से बड़ा गड्ढा खोदा गया, जिससे नहर से रैलीस्थल की तरफ बढ़ रहे पानी को रोका गया। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में होशियारपुर डीसी ने जांच के आदेश दिया है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि यह जानबूझकर किया गया था या फिर कोई हादसा या लापरवाही थी।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, होशियारपुर के दशहर मैदान में पीएम मोदी की रैली होनी थी। यहां प्रधानमंत्री का हेलिकॉप्टर उतरने के लिए हेलीपैड बनाया गया था। इस जगह से करीब तीन किलोमीटर दूर कंडी कनाल नहर निकलती है। रैली शुरू होने ही वाली थी कि इस नहर के फाटक को किसी ने खोल दिया, जिसके बाद इसका पानी रैली स्थल की तरफ बढ़ने लगा।

रैली को बाधित करने का आरोप

भारतीय जनता पार्टी ने इस घटना को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है। आरोप है कि नहर से पानी छोड़कर पीएम मोदी की रैली को रोकने की कोशिश की गई थी। भारतीय जनता पार्टी की पंजाब इकाई के नेता तीक्ष्ण सूद ने दावा किया कि कंडी नहर से भंगी चोए नदी तक छोड़ा गया, यह पानी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली स्थल तक पहुंच सकता था। सूद ने कहा कि उन्होंने पार्टी के एक कार्यकर्ता द्वारा बताई गई इस घटना को गंभीरता से लिया कि भांगी चोए नदी की ओर तेजी से पानी बहाया जा रहा है जो रैली स्थल तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने तत्काल होशियारपुर के उपायुक्त को सूचित किया और पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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