79th Independence Day: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि हमारे देश का बहुत बड़ा जनजातीय क्षेत्र नक्सलवाद/माओवाद की चपेट में कई दशकों से लहू-लुहान हो चुका है। सबसे ज्यादा नुकसान मेरे आदिवासी परिवारों को हुआ। आदिवासी माताओं-बहनों ने अपने होनहार बच्चों को खो दिया... नौजवानों को भटकाया गया, उनके जीवन को तबाह किया गया...
उन्होंने कहा कि कभी 125 जिलों से ज्यादा में नक्सलवाद अपनी जड़ें जमा चुका था। माओवाद की चंगुल में हमारे जनजाति नौजवानों फंसे हुए थे और आज 125 जिलों से कम होते-होते हम 20 पर ले आए हैं। हमने उन जनजातीय समाज की सबसे ज्यादा सेवा की। उन्होंने कहा कि एक जमाना था जब बस्तर को याद करते ही माओवाद/नक्सलवाद, बम-बंदूक की आवाज सुनाई देती थी, उसी नक्सल में माओवाद से आजाद होकर नौजवान ओलंपिक में जाते हैं... हजारों नौजवान भारत माता की जय बोलकर खेल के मैदान में उतरते हैं। यह बदलाव देश देख रहा है।
PM मोदी ने देशवासियों को किया आगाह
पीएम मोदी ने कहा कि यह भगवान बिरसा मुंडा की 150 जयंती का अवसर है तब इन जनजातीय क्षेत्रों को नक्सल से मुक्त करके हमने भगवान बिरसा मुंडा को सच्ची श्रद्धांजलि दी है। इस दौरान पीएम मोदी ने देशवासियों को एक नए संकट से आगाह किया। उन्होंने कहा कि एक सोची समझी साजिश के तहत देश की डेमोग्राफी को बदला जा रहा है, एक नए संकट के बीज बोए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि घुसपैठिए देश के नौजवानों की रोजी-रोटी छीन रहे हैं। मेरे देश की बहन-बेटियों को निशाना बना रहे हैं, यह बर्दास्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि घुसपैठिये भोले-भाले आदिवासियों को भ्रमित करके उनकी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। यह देश सहन नहीं करेगा... जब सीमावर्ती क्षेत्र में डेमोग्राफी परिवर्तन होता है तब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संकट पैदा होता है... यह समाजिक तनाव के बीज बो देता है। कोई देश अपना देश घुसपैठिये के हवाले नहीं कर सकता है, दुनिया का कोई देश नहीं कर सकता है तो भारत को कैसे कर सकते हैं...
हाई पावर डेमोग्राफी मिशन होगा शुरू
उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने त्याग और बलिदान से आजादी पाई है। हमें स्वतंत्र भारत दिया है, उन महापुरुषों के प्रति हमारा कर्तव्य है कि हम देश में ऐसी हरकतों को स्वीकार न करें यही उनकी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि हमने हाई पावर डेमोग्राफी मिशन शुरू करने का निर्णय किया है।
