Operation Sindoor के बाद पाकिस्तान द्वारा एलओसी (LoC) पर गोलीबारी की जा रही है। इस बीच PM मोदी ने राष्ट्रीय सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के साथ आज एक बार फिर से मीटिंग की है। PM मोदी और डोभाल के बीच 55 मिनट की बैठक में क्या बातचीत हुई इसकी जानकारी को सार्वजनिक नहीं की गई है मगर इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या पाकिस्तान पर फिर से एक्शन की तैयारी है? वहीं पीएम आवास से डोभाल के जाते ही केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन वहां पहुंचे और पीएम मोदी ने उनके साथ भी मीटिंग की है।
मंत्रालयों और सचिवों के साथ PM मोदी ने की हाई-लेवल मीटिंग
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित हालिया घटनाक्रमों के मद्देनजर राष्ट्रीय तैयारियों और अंतर-मंत्रालयी समन्वय की समीक्षा के लिए भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। पीएम मोदी ने परिचालन निरंतरता और संस्थागत लचीलेपन को बनाए रखने के लिए मंत्रालयों और एजेंसियों के बीच निर्बाध समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। पीएम ने मौजूदा स्थिति के लिए मंत्रालयों की योजना और तैयारी की समीक्षा की। सचिवों को अपने-अपने मंत्रालयों के संचालन की व्यापक समीक्षा करने और आवश्यक प्रणालियों के पूर्ण कामकाज को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें तत्परता, आपातकालीन प्रतिक्रिया और आंतरिक संचार प्रोटोकॉल पर विशेष ध्यान दिया गया है। सचिवों ने मौजूदा स्थिति में सरकार के समग्र दृष्टिकोण के साथ अपनी योजना का विवरण दिया।

PM Modi
सभी मंत्रालयों ने संघर्ष से संबंधित अपनी कार्रवाई योग्य वस्तुओं की पहचान की है और प्रक्रियाओं को मजबूत कर रहे हैं। मंत्रालय हर तरह की उभरती स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। बैठक के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा की गई। इनमें नागरिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना, गलत सूचना और फर्जी खबरों का मुकाबला करने के प्रयास और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल था। मंत्रालयों को राज्य प्राधिकरणों और जमीनी स्तर की संस्थाओं के साथ मिलकर काम करने की सलाह भी दी गई। बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और रक्षा, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण, बिजली, स्वास्थ्य और दूरसंचार सहित प्रमुख मंत्रालयों के सचिव शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने देश के संवेदनशील दौर में निरंतर सतर्कता, संस्थागत तालमेल और स्पष्ट संचार का आह्वान किया। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, परिचालन तैयारियों और नागरिक सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की।
