गंभीर चक्रवाती तूफान 'यास' बुधवार (26 मई) को सुबह करीब 9 बजे ओडिशा के भद्रक जिले में धामरा बंदरगार के निकट पहुंचा। इस दौरान हवा की रफ्तार 130-140 किलोमीटर प्रति घंटा रही। ओडिशा में करीब 5.80 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। पश्चिम बंगाल में भी इससे तबाही हुई है, जहां कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि पेड़, बिजली के खंभे और तारों को भी नुकसान पहुंचा।
चक्रवात 'यास' के कारण नदियों में जलस्तर बढ़ने से पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों पूर्व मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना के कई इलाकों में पानी भर गया तथा नारियल के पेड़ों के शिखरों को छूतीं समुद्र की लहरें और बाढ़ के पानी में बहती कारें दिखाई दीं। तटीय जिलों में कई स्थानों पर तटबंध टूट गए। सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य पुलिस एवं स्वयंसेवक बचाव कार्य में लगे हैं।
'यास' के कारण समुद्र में गुरुवार तक परिस्थितियां विषम रहने और बारिश जारी रहने का अनुमान है। पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना, पश्चिम मेदिनीपुर, हावड़ा, हुगली, पुरुलिया और नदिया के लोगों से घरों में रहने की अपील की। समुद्र में उठ रही ऊंची लहरों से लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ रही हैं। तटीय इलाकों से लोगों को निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।
पश्चिम बंगाल में इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए 74,000 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अलावा दो लाख से अधिक पुलिसकर्मियों एवं नागरिक स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जोखिम वाले क्षेत्रों से 12 लाख से अधिक लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। कोलकाता और भुवनेश्वर में उड़ानों का परिचालन भी निरस्त कर दिया गया है।