26 नवंबर को संविधान दिवस के तौर पर मनाया जाता है। कानून मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि संविधान के मुताबिक देश तरक्की के रास्ते पर बढ़ रहा है। लेकिन कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सच तो यह है कि हालात खराब हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आखिर हमें किस चीज पर गर्व करना चाहिए। अगर बाबा साहेब होते तो मौजूदा व्यवस्था को कानून विहीन कानून कहते। बीजेपी और आरएसएस की सरकार जबसे आई है ऐसे तत्वों को बढ़ावा दिया है जो लोगों के मूल अधिकारों का हनन कर रहे हैं।
संस्थाएं और सरकार आरएसएस के सामने नतमस्तक
सरकार खुद और संस्थाएं आरएसएस के सामने नतमस्तक हो चुकी हैं। उनके इशारे पर देश को चलाया जा रहा है। यह एक ऐसा संगठन है जो सामाजिक सेवा के नाम पर वैमनस्य फैलाने वाले विचारों को बढ़ावा दे रहा है। हकीकत में यह कहना गलत नहीं होगा कि बीजेपी और आरएसएस एक दूसरे में घुलमिल चुके हैं।खड़गे ने कहा कि रहस्यमय परिस्थितियों में जजों की मौत, फैसला आने से पहले ट्रांसफर लोगों की निगाहों से दूर नहीं हैं। इसके बाद भी कानून मंत्री यह कहते हैं विधायिका और न्यायपालिका का आपस में लड़ने को कोई फायदा नहीं है।
मुश्किल दौर से गुजर रहा है देश
हमारा संविधान जो सात दशकों तक कामयाबी के साथ मुश्किल समय में भी खड़ा रहा, वहीं संविधान मूल समस्याओं के दौर से गुजर रहा है। संविधान में जो कुछ लिखा गया है वो शब्द खुद अपने अस्तित्व को बचाने के दौर से गुजर रहे हैं।जमीनी स्तर पर आरएसएस और बीजेपी के कार्यकर्ताओं के रचनात्मक संवाद का नतीजा हिंसा है। सार्वजनिक जगहों और संस्थाओं में बच्चों को हथियारों की ट्रेनिंग दी जा रही है। मोरल पोलिसिंग की जा रहा है। लोगों की निजता पर हमला किया जा रहा है। सत्ता के शीर्ष पर जो लोग बैठे हुए हैं वो नागरिकों को और सिविल समाज को निर्दयतापूर्वक कुचलने रहे हैं।
