Congress Dispute in Rajasthan: राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच जारी विवाद मामले में कांग्रेस कार्रवाई के मूड में दिख रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश की ओर से मामले में सख्त कदम उठाने का संकेत दिया गया है। रमेश ने रविवार को कहा कि 'यदि जरूरत पड़ी तो पार्टी कड़े कदम उठाने से हिचकिचाएगी नहीं।' उन्होंने कहा कि राज्य में पार्टी को एकजुट और मजबूत रखने के लिए कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। बता दें कि राजस्थान में गहलोत एवं पायलट के बीच सत्ता का संघर्ष एक बार फिर दिखा है। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर जुबानी हमले तेज किए हैं।
गहलोत ने पिछले सप्ताह पायलट को 'गद्दार' बताया
राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत ने पिछले सप्ताह पायलट को 'गद्दार' बताया और कहा कि वह उन्हें हटा नहीं सकते। इसके बाद पायलट की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई। पायलट ने कहा कि 'कीचड़ उछाड़ने' से कोई फायदा नहीं होगा। गहलोत ने याद दिलाया कि पायलट ने 2020 में कांग्रेस के खिलाफ बगावत की और कांग्रेस सरकार को गिराने की कोशिश की।
हमारे लिए सबसे पहले संगठन महत्वपूर्ण है-रमेश
राजस्थान के इन दोनों दिग्गज नेताओं के बीच जारी मनमुटाव एवं गतिरोध के बारे में पूछे जाने पर रमेश ने कहा, 'हमारे लिए सबसे पहले संगठन महत्वपूर्ण है। जहां तक राजस्थान का सवाल है, हम इसका समाधान निकालने की कोशिश करेंगे ताकि संगठन को मजबूत बनाया जा सके।' रमेश ने आगे कहा कि इसके लिए हमें कड़े फैसले लेने की यदि जरूरत पड़ी तो हम वह भी लेंगे। गहलोत एवं पायलट दोनों गुटों में यदि समझौता हो जाता है तो यह ज्यादा बेहतर होगा। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि पार्टी आलाकमान राजस्थान विवाद का एक उचित हल निकालने के बारे में सोच रहा है।
राजस्थान में भी सफल होगी 'भारत जोड़ो यात्रा'
उन्होंने कहा, 'लेकिन यह हल कितने समय में निकल जाएगा, इसके बारे में मैं कोई समय सीमा नहीं बता सकता। यह कैसे होगा इसके बारे में केवल कांग्रेस आलाकमान ही बता सकता है।' कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि राजस्थान में पार्टी को गहलोत एवं पायलट दोनों की जरूरत है। कांग्रेस की 'भारत जोड़ो यात्रा' के बारे में जयराम ने कहा कि अन्य राज्यों की तरह यह यात्रा राजस्थान में भी सफल होगी।
