देश

नीतीश कुमार ने छुए PM Modi के पैर, बोले- 'इधर-उधर नहीं जाएंगे, जैसा कहेंगे वैसा करेंगे'

Nitish Kumar touched PM Modi feet: एनडीए की बैठक के बाद नीतीश कुमार ने पीएम मोदी के पैर भी छुए, इसका वीडियो भी सामने आया है। इसमें देखा जा सकता है कि पीएम मोदी को समर्थन देने के बाद नीतीश कुमार उनके पास आए और पीएम मोदी के पैर छूने लगे।

Image

नीतीश कुमार ने पीएम मोदी के पैर

Nitish Kumar touched PM Modi feet: एनडीए संसदीय दल की बैठक आज चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार की मौजूदगी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संसदीय दल का नेता चुन लिया गया। प्रधानमंत्री मोदी के नाम का प्रस्ताव राजनाथ सिंह की ओर से रखा गया, जिसके बाद नितिन गडकरी ने भी इसका समर्थन किया। बैठक में टीडीपी चीफ चंद्रबाबू नायडू ने पीएम मोदी के नेतृत्व में विश्वास जताते हुए, उन्हें अपना नेता चुना। इसके बाद जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने भी पीएम मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में अपना समर्थन दिया।

एनडीए की बैठक के बाद नीतीश कुमार ने पीएम मोदी के पैर भी छुए, इसका वीडियो भी सामने आया है। इसमें देखा जा सकता है कि पीएम मोदी को समर्थन देने के बाद नीतीश कुमार उनके पास आए और पीएम मोदी के पैर छूने लगे। हालांकि, पीएम मोदी ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। नीतीश कुमार ने इस दौरान कहा कि हम लोग खुले तौर पर पीएम मोदी के साथ हैं, वो जैसा कहेंगे वैसा ही होगा।

नीतीश ने कहा कुछ ऐसा कि मोदी लगाने लगे ठहाके

अपने भाषण के दौरान नीतीश कुमार ने कुछ ऐसा कह दिया कि पीएम मोदी भी ठहाके लगाने से खुद को रोक नहीं पाए। नीतीश कुमार ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि 10 साल से ये पीएम हैं और फिर पीएम होने जा रहे हैं। इन्होंने पूरे देश की सेवा की है और उम्मीद है कि अगली बार सब पूरा कर देंगे। हम लोग पूरे तौर पर सब दिन इनके साथ रहेंगे। उन्होंने कहा, ..'अगली बार जब आप आइए तो कुछ लोग जो इधर-उधर जीत गया है, अगली बार सब हारेगा। हमको पूरा भरोसा है।' इस बात को सुनकर पीएम मोदी जोर से हंसने लगे।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article