Construction of National Highways: देश में राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण तेजी से हो रहा है। इसका निर्माण साल 2023-24 में लगभग 12,300 किमी तक पहुंच गया, यानी करीब 34 किमी प्रतिदिन। यह देश के इतिहास में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण की दूसरी सबसे ऊंची दर है। 2020-21 में अब तक का उच्चतम 13,327 किमी रहा था, जब निर्माण रोजना 36.5 किमी तक पहुंच गया था। बता दें कि देश के कोने-कोने में नेशनल हाईवे का निर्माण हो रहा है और सबसे लंबे एक्सप्रेस वे का निर्माण इस साल के अंत तक होने की उम्मीद है।
20 फीसदी की बढ़ोतरी
राजमार्गों का निर्माण और रखरखाव करने वाले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 6,544 किमी. के लक्ष्य के मुकाबले 6,644 किमी एनएच का अधिक निर्माण दर्ज किया है। एक अधिकारी ने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 में एनएचएआई द्वारा बनाए गए 5,544 किमी एनएच की तुलना में यह लगभग 20% की वृद्धि है।
एक दशक तक जारी रहने की संभावना
सूत्रों ने कहा कि 2023-24 में एनएचएआई द्वारा पूंजीगत व्यय भी 2 करोड़ रुपये से थोड़ा अधिक के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो वित्त वर्ष 22-23 की तुलना में लगभग 20% अधिक है। राजमार्ग विकास के लिए खर्च की मौजूदा प्रवृत्ति सौ फीसदी तक पहुंचने से पहले अगले एक दशक तक जारी रहने की संभावना है।
कॉरिडोर प्रबंधन इकाई का भी गठन
इस बीच, परिवहन मंत्रालय ने पिछले 10 वर्षों में चौड़े एनएच की लंबाई में दो गुना वृद्धि को देखते हुए राजमार्ग के संचालन और रखरखाव पर ध्यान केंद्रित करने के लिए एनएचएआई में एक समर्पित कॉरिडोर प्रबंधन इकाई (CMU) स्थापित करने के लिए पीएमओ को प्रस्ताव दिया है। अनुमान के अनुसार, यह साल 2037 तक 89,900 किमी और 2047 तक 1.27 लाख किमी तक पहुंच जाएगा। राजमार्ग के विस्तार को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने के लिए प्रशिक्षित लोगों की जरूरत होगी।
