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Exclusive: मुलायम सिंह ने अतीक को बनाया, योगी के लिए पार्टी के अंदर ही विपक्ष मौजूद; मनोज राजन त्रिपाठी के बेबाक बोल

Eye Opener के इस एपिसोड में लेखक मनोज राजन त्रिपाठी ने इतिहास, राजनीति और समाज पर बेबाक विचार रखे। उन्होंने मुलायम-अखिलेश की राजनीति, योगी सरकार की आंतरिक चुनौतियों और ममता बनर्जी से तुलना पर बात की। उन्होंने उस जल्लाद के बारे में भी बात की, जिसने लगभग 63 दिन में ही 80 हजार भारतीयों को मौत के घाट उतार दिया था।

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लेखक मनोज राजन त्रिपाठी बोले, योगी के लिए पार्टी के अंदर से ही चुनौती
Authored by: Dr Rama Solanki
Updated Mar 29, 2026, 12:51 IST
Edited by: Digpal Singh
Updated Mar 29, 2026, 12:51 IST
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Eye Opener में कहानीकार मनोज राजन त्रिपाठी ने तमाम मुद्दों पर बात की। उन्होंने फिल्म धुरंधर-2 के किरदार और अतीक अहमद की असलियत पर बात की। उन्होंने मुलायम सिंह से लेकर अखिलेश यादव, योगी आदित्यनाथ, ममता बनर्जी तक बात की। उन्होंने बताया कि कैसे मुलायम सिंह ने अपनी राजनीतिक जमीन तैयार की। उन्होंने बताया कि कैसे योगी के लिए अपनी ही पार्टी के अंदर विपक्ष मौजूद है और 2027 के चुनाव पर भी बात की। उन्होंने उस जल्लाद के बारे में भी बात की, जिसने सिर्फ 63 दिनों में 80 हजार भारतीयों की हत्या की थी। चलिए पढ़ते हैं, उनके इंटरव्यू की कुछ अंश -

मुलायम और अखिलेश यादव में क्या समानता

मनोज राजन त्रिपाठी ने 'धरती पुत्र' कहे जाने वाले मुलायम सिंह यादव और उनके बेटे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर भी खुलकर बात की। उनके अनुसार मुलायम सिंह ने ही अतीक, मुख्तार और ददुआ जैसे अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण दिया। वह कहते हैं कि मुलायम सिंह एक छोटी जगह सैफई से निकले, उनके पास पाने को बहुत कुछ था, वह सपने देखते थे। वह बताते हैं कि मुलायम सिंह ने कांग्रेस के बीच से पिछड़ों को निकाला और मुसलमानों को अलग करके MY समीकरण बनाया और पिछड़ों की राजनीति शुरू की। अखिलेश यादव पर बात करते हुए मनोज राजन बताते हैं कि उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद ढाई साल तक पर्दे के पीछे से मुलायम सिंह की सरकार चला रहे थे। उन्होंने बताया कि कैसे अखिलेश को अपने पिता की विरासत के लिए लड़ना पड़ा, जिसने उन्हें मजबूत नेता के तौर पर उबरने में मदद की। मनोज राजन ने बताया कि जो अतीक कभी मुलायम सिंह का प्यारा था, उसे ही अखिलेश यादव ने मंच से धक्का मारकर बाहर कर दिया। उनका मानना है कि अखिलेश यादव ने 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को उत्तर प्रदेश में 63 सीटों से घटाकर 32 पर ला खड़ा कर दिया। वे इसे अखिलेश की सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं। वह अखिलेश को 2027 विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए एक बड़ी चुनौती बन रहे हैं।

लेखक मनोज राजन त्रिपाठी ने की योगी और ममता राज में समानताओं पर बात

लेखक मनोज राजन त्रिपाठी ने की योगी और ममता राज में समानताओं पर बात

योगी आदित्यनाथ के लिए पक्ष में ही विपक्ष बैठा है

इस बातचीत के दौरान जब मनोज राजन से प्रश्न किया जाता है कि क्या योगी आदित्यनाथ के लिए रोड़ा बाहर से ही नहीं, अंदर से भी है। इस पर वह कहते हैं कि भाजपा, जिसको आप पक्ष कहते हैं, योगी के लिए उसी में विपक्ष बैठा है। वह कहते हैं पार्टी में योगी आदित्यनाथ के बहुत से 'शुभचिंतक' है। उन्होंने बताया कि योगी आदित्यनाथ कभी मुख्यमंत्री पद के लिए पहली पसंद थे ही नहीं, मनोज सिन्हा मुख्यमंत्री बनने वाले थे। उन्होंने बताया कि कैसे भाजपा के ही 100-150 विधायकों ने विधानसभा की वेल में उतरकर अपनी ही सरकार का विरोध शुरू किया। उन्होंने अमित शाह और योगी आदित्यनाथ के बीच सत्ता संघर्ष और नौकरशाही पर नियंत्रण की खींचतान का भी संकेत दिया।

ममता बनर्जी और योगी आदित्यनाथ में समानता?

मनोज राजन त्रिपाठी का मानना है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और योगी आदित्यनाथ में समानता है। वह दोनों को ही चुंबक के दो ध्रुव मानते हैं। उनका कहना है कि अगर पश्चिम बंगाल में मुस्लिमों का तुष्टीकरण है तो यूपी में हिंदुओं का तुष्टीकरण है, दोनों जगह ध्रुवीकरण है। वह दोनों को राजनीति का धुरंधर कहते हैं।

देखें पूरा इंटरव्यू

मायावती 'सेव द एलीफेंट' मुहिम चला रही हैा

राजनीति के धुंधलके में कहीं गायब सी हो गईं 'बहनजी' मायावती पर बात करते हुए मनोज राजन कहते हैं कि जैसे 'सेव द टाइगर' मुहिम चली थी, वैसे ही मायवती खुद 'सेव द एलीफेंट' मोड में हैं। वह कहते हैं कि भाजपा ने 'बहनजी' के हाथी को बिठा दिया है। वह मजाकिया लहजे में कहते हैं कि यह पहला हाथी है, जिसने चुनाव में अंडा भी दिया है। मनोज का मानना है कि भाजपा की अंदरूनी राजनीति ने बहुजन समाज पार्टी को थोड़ा सा उठा दिया है। ऐसा बीजेपी ने मुसलमानों के वोट थोड़ा सा काटने के लिए और पिछड़ों के वोट अपनी तरफ मोड़ने के लिए मायावती को खड़ा करने के लिए किया है। उनका मानना है कि अगले विधानसभा चुनाव में हाथी अंडा नहीं देगा।

63 दिन में 80 हजार लोगों को मारने वाले की कहानी

मनोज राजन त्रिपाठी ने अपनी दूसरी किताब 'कसाईवाड़ा' पर भी खुलकर बात की। इस किताब में उन्होंने ब्रिटिश कर्नल जेम्स स्मिथ नील की कहानी बताई है, उसकी अमानवीय क्रूरता को दुनिया के सामने रखा है और बताया है कि ऐसे दरिंदे से हम भारतीय कैसे लड़े। वह कर्नल जेम्स स्मिथ को इतिहास में सबसे क्रूर करार देते हैं, जिसने लगभग 63 दिन में 80 हजार भारतीयों की हत्या करवाई थी।

मनोज राजन त्रिपाठी ने देश में मुगलों और मुसलमान शासकों के नाम पर रखी गई सड़कों, शहरों आदि के नाम बदलने पर भी खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इससे वोट मिलता है, इसलिए ऐसे नाम बदले जाते हैं। वह सवाल करते हैं कि किसी हड़सन, हैवलॉक, नील, लैंसडौन के नाम क्यों नहीं बदल देते? फिर वह स्वयं जवाब देते हुए कहते हैं क्योंकि इनसे वोट नहीं मिलता।

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