Modi Cabinet Decision 2026: रफ्तार और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में देश को एक बड़ी सौगात मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय कैबिनेट ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लिए दो बेहद महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। करीब 14,115 करोड़ रुपये की लागत वाले इन प्रोजेक्ट्स की जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव (Union Minister Ashwini Vaishnaw) ने कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान दी। सरकार का मुख्य फोकस भविष्य की जरूरतों और पर्यावरण की सुरक्षा दोनों को साथ लेकर चलना है।
दिल्ली को मिलेगी जाम से राहत, बनेगी द्वारका टनल
दिल्ली के लोगों को आए दिन लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए सरकार ने 6-लेन की 'द्वारका टनल' परियोजना को मंजूरी दी है। 8.1 किलोमीटर लंबी इस टनल को बनाने में 6,969.67 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह टनल द्वारका एक्सप्रेसवे को वसंत कुंज के नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ेगी, जिससे शिव मूर्ति इंटरचेंज, वसंत कुंज और डीएनडी फ्लाईवे के बीच एक सीधा और नया कॉरिडोर तैयार हो जाएगा।
इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि यह दिल्ली के पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना बनेगा। केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि टनल को दिल्ली के 'फेफड़े' कहे जाने वाले रिज (Ridge) एरिया के नीचे से निकाला जाएगा, ताकि ऊपर के जंगलों और हरियाली को कोई नुकसान न पहुंचे।
यूपी के बुंदेलखंड को मिलेगी नई रफ्तार
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश के विकास को रफ्तार देने के लिए कानपुर-कबरई सेक्शन (kanpur kabrai highway) के निर्माण को मंजूरी दी है। 7,145.14 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह हाईवे पूरी तरह एक्सेस-कंट्रोल होगा, यानी यह एक्सप्रेसवे की तरह काम करेगा। यह प्रोजेक्ट कानपुर, घाटमपुर, हमीरपुर और महोबा जिलों से होकर गुजरेगा और आगे चलकर भोपाल (मध्य प्रदेश) तक कनेक्टिविटी देगा।
इसके बनने के बाद कानपुर से कबरई के बीच का सफर जो अभी साढ़े तीन घंटे का है, वह घटकर महज डेढ़ घंटा रह जाएगा। इसे अगले ढाई साल में बीओटी (Build-Operate-Transfer) मॉडल पर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
2047 के विजन और डिफेंस कॉरिडोर को मजबूती
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पीएम मोदी के निर्देशानुसार इन प्रोजेक्ट्स को साल 2047 की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है। बुंदेलखंड का यह इलाका इसलिए भी अहम है क्योंकि यहां यूपी डिफेंस कॉरिडोर का काम चल रहा है। इस नए हाईवे के बनने से रक्षा और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के उद्योगों को सीधा फायदा होगा, जिससे पूरे क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे।
