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हत्यारों को दो बार टालना पड़ा राजा रघुवंशी की हत्या का प्लान, मेघालय पुलिस ने बताई वजह

रिपोर्टों में मेघालय पुलिस के हवाले से कहा गया है कि हत्यारों ने 24 मई को राजा की हत्या सोनम के सामने की। पहले 22 और 23 मई को राजा की हत्या करने का उनका प्लान था लेकिन नोंग्रियात इलाके में ज्यादा संख्या में पर्यटकों के आ जाने की वजह से उन्हें अपना यह प्लान टालना पड़ा। रिपोर्टों के मुताबिक सोनम ने राजा को घने जंगलों में चलने के लिए मजबूर किया।

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सोनम के सामने हुई राजा रघुवंशी की हत्या।

Raja Raghuvanshi murder case : इंदौर के राजा रघुवंशी मर्डर केस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस सनसनीखेज हत्याकांड पर चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। मेघालय पुलिस का कहना है कि 22 और 23 मई को राजा की हत्या करने का प्लान था लेकिन इलाके में पर्यटकों की संख्या ज्यादा होने के चलते अपराधी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए। इसके बाद 24 मई को उन्होंने वेइसाडोंग फॉल्स के पास राजा को मारा और शव को गहरी खाई में फेंक दिया।

24 मई को सोनम के सामने की राजा की हत्या

रिपोर्टों में मेघालय पुलिस के हवाले से कहा गया है कि हत्यारों ने 24 मई को राजा की हत्या सोनम के सामने की। पहले 22 और 23 मई को राजा की हत्या करने का उनका प्लान था लेकिन नोंग्रियात इलाके में ज्यादा संख्या में पर्यटकों के आ जाने की वजह से उन्हें अपना यह प्लान टालना पड़ा। रिपोर्टों के मुताबिक सोनम ने राजा को घने जंगलों में चलने के लिए मजबूर किया। सोनम को लगता था कि घने जंगल में मौका पाकर उसके हत्यारे राजा को मौत की घाट उतार देंगे लेकिन इन दोनों दिन हत्यारे राजा को मार नहीं सके। पुलिस का कहना है कि राजा की हत्या होने के बाद सोनम वहां से टैक्सी बदलते हुए गंगटोक पहुंची।

11 मई को इंदौर में हुई थी शादी

इसे पहले मेघालय के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आई नोंगरांग ने बुधवार को बताया कि राजा रघुवंशी और उसकी पत्नी सोनम के लापता होने से पहले दंपति ने अपना सूटकेस सोहरा के एक ‘होमस्टे’ में छोड़ दिया था और सूटकेस में मिले मंगलसूत्र एवं अंगूठी से जांचकर्ताओं को हनीमून हत्याकांड को सुलझाने में मदद मिली। सोनम (25) और राजा (29) की शादी 11 मई को इंदौर में हुई थी और वे 20 मई को हनीमून के लिए असम के गुवाहाटी होते हुए मेघालय पहुंचे थे। दोनों 23 मई को ईस्ट खासी हिल्स जिले के सोहरा स्थित नोंग्रियात गांव में एक ‘होमस्टे’ से निकलने के कुछ घंटों बाद लापता हो गए थे।

मंगलसूत्र, अंगूठी सूटकेस से बरामद

राजा का शव दो जून को मेघालय में वेइसाडोंग जलप्रपात के पास एक घाटी में मिला था। वहीं, सोनम की तलाश जारी रही। सोनम ने नौ जून की सुबह लगभग 1,200 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में आत्मसमर्पण कर दिया, क्योंकि पुलिस ने उसके कथित प्रेमी राज कुशवाह और राजा की हत्या के लिए कथित तौर पर भाड़े पर लिए गए तीन हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया था। डीजीपी नोंगरांग ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘हमने सोनम का मंगलसूत्र और अंगूठी उस सूटकेस से बरामद किया, जिसे दंपति ने सोहरा के एक ‘होमस्टे’ में छोड़ दिया था। विवाहित महिला द्वारा इन आभूषणों को छोड़ने के कारण हमें इस मामले में उस पर संदिग्ध के रूप में नजर रखने के लिए एक सुराग मिला।’

22 मई को सोहरा के जिस ‘होमस्टे’ में गए थे दोनों

मंगलसूत्र विवाहित हिंदू महिलाओं द्वारा गले में पहना जाने वाला एक आभूषण होता है, जिसे उनके पति के साथ उनके बंधन का प्रतीक माना जाता है।

जांच का हिस्सा रहे एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि राजा और सोनम 22 मई को सोहरा के जिस ‘होमस्टे’ में गए थे, वहां उन्होंने पहले से बुकिंग नहीं कराई थी, जिसके चलते उन्हें वहां कोई कमरा नहीं मिला। अधिकारी ने बताया कि दंपति को ‘डबल डेकर रूट ब्रिज’ देखने के लिए नोंग्रियात गांव तक 3,000 से ज्यादा सीढ़ियां चढ़कर जाने में दिक्कत होती, इसलिए उन्होंने अपना सूटकेस ‘होमस्टे’ में ही रखने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि दंपति का सूटकेस सोहरा के ‘होमस्टे’ में ही था, लेकिन उन्होंने नोंग्रियात के एक ‘होमस्टे’ में रात बिताई और 23 मई को वहां से निकले।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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