Karnataka Congress: दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के सरकारी निवास पर एक अहम बैठक हुई। ये बैठक कर्नाटक में कांग्रेस में बढ़ती आपसी खींचतान को लेकर थी। इस बैठक में खरगे के अलावा राहुल गांधी के साथ ही साथ कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार और राज्य प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला मौजूद थे। बैठक के बाद एक फोटो जारी हुई जिसमें ये सभी नेता हंसते हुए नजर आए। लेकिन राजनीति में जैसा दिखता है वैसा होता नहीं। 'टाइम्स नाउ नवभारत ' को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बंद कमरे में हुई बैठक में कांग्रेस आलाकमान खासकर राहुल गांधी कर्नाटक के दो बड़े चेहरों से बेहद नाराज रहे।
आइए आपको विस्तार से बताते हैं कि बैठक में क्या तय हुआ और क्या निर्देश दिए गए। ये बताने से पहले आपको बता दें कि दक्षिण भारत में कर्नाटक में बंपर जीत हासिल करने वाली कांग्रेस लोकसभा चुनाव में उम्मीद के मुताबिक सीट नहीं ला सकी। ये बैठक नेताओं की आपसी खींचतान, उससे मिली हार और आगामी रणनीति के इर्द गिर्द ही रही।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कर्नाटक कांग्रेस की बैठक में क्या हुआ जानिए-
1. कर्नाटक के नेताओं के साथ राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच चल रही गुटबाजी के मद्देनजर सब नेताओं को एकजुट होकर काम करने के निर्देश दिए। मिलजुलकर समन्वय से सरकार चलाने को कहा। पार्टी को मजबूत करने और लोकसभा चुनाव में अपेक्षा के मुताबिक सीटें न मिलने के कारणों पर ध्यान देने और उसको दुरुस्त करने को भी कहा।
2. राज्य में सरकार होने के बावजूद लोकसभा चुनाव में कम सीटें जीतने पर पार्टी अध्यक्ष और राहुल गांधी बेहद नाराज हुए। कहा आपसी गुटबाजी से पार्टी को नुकसान हुआ, ज्यादा सीटें होती तो केंद्र में समीकरण बदले हुए नजर आते।
बैठक में कांग्रेस भविष्य में कर्नाटक में किस तरह की रणनीति पर चलेगी इस पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आपको बिंदुवार बताते हैं कि कांग्रेस की रणनीति के बारे में
1. केंद्र की बीजेपी सरकार कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है।
2. इस साल के केंद्रीय बजट में कर्नाटक की उपेक्षा की गई है।
3. केंद्र सरकार ने कर्नाटक के भद्रा सिंचाई परियोजना और बैंगलोर पेरीफेरल रोड के लिए फंड नहीं दिया। इसके अलावा 15 वें वित्त आयोग की सिफारिशों के हिसाब से कर्नाटक का फंड नहीं दिया गया।
4. कांग्रेस कर्नाटक में बीजेपी को राज्य के लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ नहीं करने देगी।
फिलहाल हंसती मुस्कुराती तस्वीर के साथ कर्नाटक के दोनों बड़े नेता दिल्ली रवाना हो गए हैं। लेकिन सवाल वही है कि क्या आपसी खींचतान पर लगाम लगाकर कांग्रेस नेता पार्टी का राज्य में भविष्य सुरक्षित कर पायेंगे?
