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Jammu-Kashmir: बस पर हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड कौन? 20 लोगों को हिरासत में लिया, हो रही पूछताछ

Terror Attack on Bus: बस पर हुए आतंकी हमले को लेकर तलाश अभियान दूसरे दिन भी जारी है। सवाल यही है कि आखिर इस हमले का मास्टमाइंड कौन है। सुरक्षा बलों को पूरी तरह मुश्तैद कर दिया गया है। इस मामले में 20 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

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जम्मू कश्मीर में आतंकी हमले पर बड़ा अपडेट।

Photo : Times Now Digital

Jammu-Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में श्रद्धालुओं की बस पर किए गए हमले में शामिल आतंकवादियों का पता लगाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है और सुरक्षा बलों की 11 टीमें काम कर रही हैं तथा पोनी तेरयाथ इलाके की कई तरफ से घेराबंदी की गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

20 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया

अधिकारियों ने बताया कि आतंकी हमले में नौ लोगों की मौत और 41 लोगों के जख्मी होने के बाद सुरक्षा बलों ने जम्मू और राजौरी जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है तथा जांच तेज़ कर दी है और इलाके में तलाशी ली जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, 20 से ज्यादा लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

सुरक्षा बलों को हमले से जुड़े मिले कुछ सुराग

आतंकवादियों ने श्रद्धालुओं को शिव खोरी मंदिर से कटरा में माता वैष्णों देवी मंदिर ले जा रही 53 सीट वाली बस पर पोनी इलाके में तेरयाथ गांव के पास रविवार को गोलीबारी कर दी थी। हमले के बाद बस खाई में जा गिरी थी। वाहन में उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के श्रद्धालु सवार थे। उधमपुर-रियासी रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) रईस मोहम्मद भट ने कहा कि पुलिस, सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 11 दल फरार हुए आतंकवादियों को खत्म करने के लिए दो छोर पर काम कर रहे हैं और सुरक्षा बलों को कुछ सुराग मिले हैं।

आतंकी हमले को लेकर तलाशी अभियान जारी

पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'आज उस क्षेत्र में और उसके आसपास तलाशी अभियान जारी है (जहां हमला हुआ था) और इसमें 11 दल काम कर रहे हैं। इसके अलावा (पोनी-तेरयाथ) पट्टी के चारों ओर घेराबंदी भी की गई है।' अधिकारियों ने बताया कि हमले में घायल हुए लोगों के बयानों के आधार पर उन्होंने इस संभावना से इनकार नहीं किया है कि घटनास्थल पर कोई चौथा व्यक्ति भी मौजूद था जो तीनों आतंकवादियों के लिए वहां पर नज़र रख रहा था।

पहाड़ी इलाकों में छुपे हुए हैं आतंकवादी

सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा बलों को संदेह है कि पाकिस्तानी आतंकवादी राजौरी और रियासी के पहाड़ी इलाकों में छुपे हुए हैं और उन्होंने क्षेत्र में तलाश अभियान तेज कर दिया है। सूत्रों ने बताया कि वे सुरक्षित संचार के माध्यम से पाकिस्तान की आईएसआई से निर्देश ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऐसी रिपोर्ट हैं कि आतंकियों के एक स्थानीय मददगार सहित चार आतंकवादी इस हमले में शामिल थे जिसे लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर अबू हमजा के निर्देश पर अंजाम दिया गया।

घायल हुए 41 लोगों में से 10 को लगी गोली

ड्रोन और खोजी कुत्तों सहित निगरानी उपकरणों से लैस सुरक्षाकर्मियों ने सोमवार को बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। इलाके में गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए एक हेलीकॉप्टर को भी काम पर लगाया गया था। हमले में घायल हुए 41 लोगों में से 10 को गोली लगी है। बस चालक विजय शर्मा की कई गोलियां लगने से मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि बस पर 11 स्थान पर गोली लगने के निशान हैं। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए), राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) और फोरेंसिक विभाग की टीम हमले वाली जगह पर पहुंचीं और जांच में जुट गई हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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