Who was DSP Humayun Bhat: "डीएसपी हुमायूं हसन नहीं रहे!" जैसे ही यह सच उनके घर वालों को पता लगा, वे बेसुध से हो गए। होते भी क्यों न...एक ओर 29 महीने के बच्चे के सिर से बाप का हाथ उठा, तो दूसरी ओर जांबाज पुत्र की शहादत पर पिता के कंधों का बोझ बढ़ गया। ये दोनों ही दुख भरे दर्द दुनिया के किसी भी पहाड़ से अधिक भारी हैं।
डीएसपी हुमायूं भट।
हसन बुधवार (13 सितंबर, 2023) को जम्मू और कश्मीर के अनंतनाग में हुए एनकाउंटर के दौरान जवानों को लोहे के चने चबवाते हुए शहीद हुए। समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा की रिपोर्ट में बताया गया कि काफी ब्लीडिंग (रक्तस्राव) होने के चलते भट की मृत्यु हो गई।
डीएसपी भट आतंकियों से लोहा लेते वक्त कोकेरनाग (Kokernag) में शहीद हुए। उनका सिर्फ 29 दिन का बच्चा है। यानी वह पिता बनने का सुख एक महीने भी न ले सके और देश के लिए न्यौछावर हो गए। भट के पिता का नाम गुलाम हसन भट्ट, जो कि जम्मू-कश्मीर पुलिस के सेवानिवृत्त आईजी हैं।
भट के पिता 1984 में जम्मू और कश्मीर में डीएसपी बने थे, जबकि आगे आईजी होकर साल 2018 रिटायर हुए। रोचक बात है कि ठीक उसी बरस बेटे हुमायूं डीएसपी बने थे। जिस हिसाब से वह ईमानदारी से काम कर रहे थे, उस लिहाज से कहा जा सकता है कि वह भी आगे चलकर पापा का नाम करते उनके जैसे बड़े आला-अफसर बनते, पर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
J&K के DGP ने यूं जताया दुखजम्मू और कश्मीर पुलिस परिवार की ओर से वहां के डीजीपी दिलबाग सिंह ने उनकी शहादत पर संवेदना जाहिर की। उन्होंने कहा- मैं तीन युवा बहादुरों कर्नल मनप्रीत सिंह, 19 आरआर के मेजर आशीष धोनैक और डीएसपी हुमायूं मुजामिल भट के भयानक नुकसान से बहुत दुखी हूं। जीवन का हर नुकसान दुर्भाग्यपूर्ण है। इस आपराधिक कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों को जल्द ही न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। पूरा जम्मू-कश्मीर पुलिस बल शहीदों के परिजनों के समर्थन में है।
