Total Solar Eclipse: भारत का आदित्य एल1 (
आदित्य एल1 सूर्य को करेगा ट्रैक
आदित्य एल1 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का पहला सौर मिशन है, जो पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य को ट्रैक करने की स्थिति में है। इससे इसरो को सूर्य के क्रोमोस्फीयर और कोरोना का और अध्ययन करने में मदद मिलेगी। लॉन्च होने के चार महीने बाद इस साल की शुरुआत में 6 जनवरी को आदित्य-एल1 लैग्रेंज प्वाइंट 1 (एल1 प्वाइंट) पर पहुंच गया था। यह 6 अहम उपकरणों से लैस है और लैग्रेंज प्वाइंट से सूर्य को ट्रैक और इसका निरीक्षण कर रहा है, जो पृथ्वी से 1.5 मिलियन किलोमीटर दूर है।
छह उपकरणों में से दो का इस्तेमाल करेगा आदित्य एल1
सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य को ट्रैक करने के लिए आदित्य एल1 अपने छह उपकरणों में से दो का इस्तेमाल करेगा। ये दो उपकरण हैं विजिबल एमिशन लाइन कोरोनाग्राफ (VELC) और सोलर अल्ट्रावॉयलेट इमेजिंग टेलीस्कोप (SUIT)। आदित्य एल1 मिशन का लक्ष्य सौर कोरोना और प्रकाशमंडल सहित सौर घटनाओं के प्रभाव के बारे में हमारी समझ को गहरा करना है। यह सौर हवाओं और संबंधित विकिरणों के प्रभाव का भी अध्ययन करता है।
इन देशों में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण
आज पूर्ण सूर्य ग्रहण मेक्सिको, अमेरिका और कनाडा सहित उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। अमेरिका में डलास, लिटिल रॉक, इंडियानापोलिस, क्लीवलैंड, बफेलो और बर्लिंगटन शहरों में यह दिखाई देगा। 2024 का पहला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इस ग्रहण के दौरान सूर्य का कोरोना (बाहरी परत) पृथ्वी से कुछ देर के लिए दिखाई देगा क्योंकि चंद्रमा सूर्य के सामने आ जाएगा। सामान्य स्थिति में कोरोना पृथ्वी से दिखाई नहीं देता है।
