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IB चीफ तपन डेका को दूसरी बार मिला एक साल का सेवा विस्तार, आतंक के खिलाफ रखते हैं विशेष अनुभव

यह दूसरी बार है जब आईबी प्रमुख तपन डेका को एक साल का विस्तार मिला है। डेका जून 2026 तक इस पद पर बने रहेंगे। इससे पहले जून 2024 में डेका को एक साल के लिए सेवा विस्तार दिया गया था। वे 2022 से खुफिया ब्यूरो (आईबी) के प्रमुख हैं।

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इंटेलिजेंस ब्यूरो के प्रमुख हैं तपन डेका।

IB Chief Tapan Deka : खुफिया ब्यूरो (IB) प्रमुख तपन कुमार डेका को एक साल का सेवा विस्तार मिला। यह दूसरी बार है जब डेका को एक साल का विस्तार मिला है। डेका जून 2026 तक इस पद पर बने रहेंगे। इससे पहले जून 2024 में डेका को एक साल के लिए सेवा विस्तार दिया गया था। वे 2022 से खुफिया ब्यूरो (आईबी) के प्रमुख हैं। मंगलवार को जारी एक आदेश में, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने कहा कि उसने डेका के कार्यकाल को एक वर्ष के लिए, जून 2026 तक या अगले आदेश तक (जो भी पहले हो), बढ़ाने को मंजूरी दी है।

कौन हैं डेका?

डेका 1988 बैच के हिमाचल प्रदेश कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं। आतंकवाद और कट्टरता से संबंधित मामलों को संभालने में वह विशेषज्ञता रखते हैं। वह पाकिस्तान से संबंधित आतंकी मामलों के भी विशेषज्ञ माने जाते हैं। पहलगाम आतंकी हमले और 'ऑपरेशन सिंदूर' की पृष्ठभूमि में उनका अनुभव और विशेषज्ञता भारत सरकार के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण बन जाती है।

दो दशक से अधिक का अनुभव

डेका को जून 2022 में खुफिया ब्यूरो (IB) का प्रमुख नियुक्त किया गया था, उनके लिए दो वर्षों का कार्यकाल निर्धारित था। इसके बाद जून 2024 में उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया गया। डेका को खुफिया ब्यूरो के संचालन विंग का प्रमुख रहने का दो दशकों से अधिक का अनुभव है, इससे पहले कि उन्हें एजेंसी का प्रमुख नियुक्त किया गया। वह 2008 में मुंबई में हुए 26/11 आतंकी हमलों के दौरान जवाबी कार्रवाई के प्रभारी थे।

पूर्वोत्तर का भी अनुभव

उन्होंने इंडियन मुजाहिदीन के खिलाफ भी अभियान का नेतृत्व किया। आईएम 2000 के दशक में देश में कई आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार था। डेका को पूर्वोत्तर और उनके गृह राज्य असम की स्थितियों को संभालने का भी अनुभव है।

आतंकवाद से निपटने का व्यापक अनुभव

जब 2019 में नागरिकता संशोधन अधिनियम के लागू होने के बाद बड़े पैमाने पर हिंसा हुई तब उन्हें इस अस्थिर स्थिति को संभालने के लिए अपने गृह राज्य असम में भी तैनात किया गया था। डेका जम्मू-कश्मीर के मामलों में सरकार के लिए सबसे भरोसेमंद व्यक्ति रहे हैं क्योंकि उन्हें केंद्र शासित प्रदेश में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से निपटने का व्यापक अनुभव है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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