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Indian Navy का दुनिया में बजेगा डंका, फ्रांस से खरीदे जाएंगे 26 राफेल-M और तीन घातक सबमरीन

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 10, 2023, 08:21 AM IST

Indian Navy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 और 14 जुलाई की दो दिवसीय पेरिस यात्रा पर जा रहे हैं। भले ही इस यात्रा के दौरान होने वाले रक्षा सौदों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने न आई हो, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि भारत और फ्रांस एक रक्षा-औद्योगिक रोड मैप पर हस्ताक्षर करेंगे।

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भारतीय नौसेना फ्रांस से खरीदेगी राफेल-एम विमान

Photo : BCCL

Indian Navy: भारतीय सेना के तीनों अंग भविष्य में होने वाले युद्धों की तैयारी में लगे हुए हैं। इसके लिए भारतीय सेना अपने आयुध भंडार को लगातार मजबूत बना रही है। अब खबर है कि भारतीय नौसेना कुछ ऐसा करने जा रही है, जिससे दुनिया भर में उसका डंका बजेगा। पाकिस्तान ही नहीं चीन भी कैसी भी हिमाकत करने से पहले 10 बार सोचेगा।

जानकारी के मुताबिक, भारतीय नौसेना आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) विमान वाहक के लिए 26 राफेल-एम विमानों का अधिग्रहण करने जा रही है। पीएम मोदी जल्द ही फ्रांस के साथ इस समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। इसके साथ तीन और स्कॉर्पीन (कलवरी)के निर्माण के लिए दोबारा आदेश दिया जाएगा।

पेरसि यात्रा पर जा रहे हैं पीएम मोदी

बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 और 14 जुलाई की दो दिवसीय पेरिस यात्रा पर जा रहे हैं। भले ही इस यात्रा के दौरान होने वाले रक्षा सौदों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने न आई हो, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि भारत और फ्रांस एक रक्षा-औद्योगिक रोड मैप पर हस्ताक्षर करेंगे, जिससे भारत को अपने स्वदेशी रूप से विकसित इंजनों और प्रौद्योगिकियों के माध्यम से विनिर्माण को बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जा सके। इस दौरान पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन इंडो-पैसिफिक के लिए एक द्विपक्षीय रोड मैप का भी अनावरण करेंगे, जिसमें चीन द्वारा विवादित क्षेत्र में समुद्री मार्गों के लिए नेविगेशन और समुद्री सुरक्षा की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए विशिष्ट कदम शामिल होंगे।

रक्षा मंत्री ने राफेल खरीद के लिए बुलाई बैठक

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 13 जुलाई को भारतीय नौसेना को 26 राफेल-एम लड़ाकू विमान खरीदने के लिए आवश्यकता की स्वीकृति (एओएन) देने के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की एक बैठक बुलाई है। साथ ही, तीन और कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियों के निर्माण को हरी झंडी भी दी जाएगी। छह कलवरी श्रेणी की पनडुब्बी में से आखिरी, आईएनएस वाग्शीर के अगले साल चालू होने की उम्मीद है, यह पोत वर्तमान में परीक्षण के दौर से गुजर रहा है।

दौड़ में पिछड़ा अमेरिकी F-A-18 सुपरे हॉर्नेट

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, INS विक्रांत पर तैनात किए जाने के लिए अमेरिकी F-A-18 सुपरे हॉर्नेट भी दौड़ में था। हालांकि, F-A-18 इस दौड़ में तकनीकी तौर पर पिछड़ गया और राफेल खरीद पर आम सहमति बनी। बता दें, INS विक्रांत पर वर्तमान में रूसी मिग-29 तैना हैं, जिन्हें धीरे-धीरे सेवा से बाहर किया जा रहा है। इनकी जगह राफेल-एम लेंगे।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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