India-China Relations: जी-20 के मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भेंट हुई। मंगलवार (15 नवंबर, 2022) को दोनों की मुलाकात रात के समय हुई। दरअसल, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने वहां के बाली में डिनर पार्टी रखी थी। इस रात्रि-भोज में दुनिया के कई नेता पहुंचे, जिनमें मोदी और शी भी थे। इसी बीच, दोनों का आमना-सामना हुआ और शिष्टाचार भेंट के तहत हाथ भी मिले।
मीडिया के लिए इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया, जिसमें दोनों नेताओं को हाथ मिलाते देखा गया। सबसे रोचक बात है कि ऐसा तब हुआ, जब दोनों की वहां पर कोई द्विपक्षीय मुलाकात नहीं हुई। जी20 शिखर सम्मेलन से इतर दोनों नेताओं की संभावित द्विपक्षीय बैठक को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। पर दोनों पक्षों की ओर से शेयर किए गए एजेंडा में ऐसी किसी बैठक का उल्लेख नहीं मिला।
ऐसे में सियासी गलियारों में कयास लगाए जाने लगे कि क्या एलएसी को लेकर पनपे विवाद के बाद भारत और चीन के बीच संबंधों में सुधार होगा...क्या दोनों मुल्कों के बीच रिश्तों पर जमी बर्फ पिघलेगी क्या? देखें, जब मोदी और शी की मुलाकात हुई, तब क्या हुआ था:
समाचार एजेंसी एएनआई की ओर से 36 सेकेंड की एक वीडियो क्लिप भी जारी की गई, जो कि रात्रि-भोज से जुड़ी थी। पीएम मोदी इसमें मरून रंग की कमीज पहने दिखे। डिनर से पहले वह वहां शी से मिले और दोनों की कुछ हल्की-फुल्की बात भी हुई। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका कि दोनों दिग्गजों में क्या चर्चा हुई।
दरअसल, सीमा गतिरोध को लेकर दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण रिश्तों के बीच दोनों नेताओं की इस भेंट ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। पूर्वी लद्दाख में सीमा गतिरोध की शुरुआत के बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी पहली बार सितंबर में समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में आमने-सामने आए थे। लेकिन उस समय दोनों नेताओं के हाथ मिलाने या अभिवादन करने की कोई रिपोर्ट नहीं थी।
वैसे, पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इंडोनेशिया में जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और कई अन्य वैश्विक नेताओं के साथ अनौपचारिक बातचीत की और कई मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
पीएम मोदी ने वार्षिक जी-20 शिखर सम्मेलन के एक सत्र को यहां संबोधित करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन, कोविड-19 वैश्विक महामारी और यूक्रेन संकट के कारण उत्पन्न वैश्विक चुनौतियों ने दुनिया में तबाही मचा दी है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला ‘‘चरमरा’’ गई है। (पीटीआई-रॉयटर्स और एएनआई इनपुट्स के साथ)
