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इंडिया गठबंधन ने किया 14 एंकरों के बहिष्कार का फैसला, BJP ने बताया आपातकाल, NJU-NBDA ने उठाए सवाल

  • Edited by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Sep 15, 2023, 10:25 AM IST

विपक्षी गठबंधन के दल 14 एंकर के शो और कार्यक्रमों में अपने प्रतिनिधि नहीं भेजेंगे। इसने बयान में 14 एंकर की एक सूची भी जारी की है। इसे लेकर इंडिया गठबंधन की खूब आलोचना हो रही है।

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इंडिया गठबंधन के फैसले पर उठे सवाल

Photo : PTI

INDIA Alliance: विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) के घटक दलों के एक फैसले ने उसे आलोचना के केंद्र में ला दिया है। मामला मीडिया से जुड़े कुछ टीवी एंकरों के बहिष्कार से जुड़ा हुआ है। गठबंधन ने गुरुवार को फैसला किया कि वे देश के 14 टेलीविजन एंकर के कार्यक्रमों में अपने प्रतिनिधि नहीं भेजेंगे। न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन (एनबीडीए) ने कहा कि बहिष्कार का यह फैसला एक खतरनाक मिसाल साबित होगा और यह लोकतंत्र के मूल्यों के खिलाफ है। इंडिया की मीडिया से संबंधित समिति की बैठक में यह फैसला किया गया। विपक्षी गठबंधन की मीडिया समिति ने एक बयान में कहा कि 13 सितंबर, 2023 को अपनी बैठक में इंडिया समन्वय समिति द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार, विपक्षी गठबंधन के दल इन 14 एंकर के शो और कार्यक्रमों में अपने प्रतिनिधि नहीं भेजेंगे। इसने बयान में 14 एंकर की एक सूची भी जारी की है।

कांग्रेस ने कहा, कुछ चैनल पर चल रही नफरत की दुकानें

कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख और विपक्षी गठबंधन की मीडिया समिति के सदस्य पवन खेड़ा ने कहा कि रोज शाम पांच बजे से कुछ चैनल पर नफरत की दुकानें सजाई जाती हैं। हम नफरत के बाजार के ग्राहक नहीं बनेंगे। हमारा उद्देश्य है नफ़रत मुक्त भारत। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस कदम की निंदा की। पार्टी के प्रमुख प्रवक्ता एवं सांसद अनिल बलूनी ने एक बयान जारी कर कहा कि विपक्षी दलों ने अपनी दमनकारी, तानाशाही और नकारात्मक मानसिकता का प्रदर्शन किया है।

बीजेपी ने दिया जवाब

बलूनी ने कहा कि भाजपा ऐसी विकृत मानसिकता का कड़ा विरोध करती है जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाती है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान मीडिया का गला घोंट दिया गया था और इस घमंडिया गठबंधन में शामिल दल उसी अराजक और आपातकालीन मानसिकता के साथ काम कर रहे हैं। बलूनी ने आरोप लगाया कि मीडिया को इस तरह की खुली धमकी लोगों की आवाज दबाने के समान है।

खेड़ा ने यह भी कहा कि बड़े भारी मन से यह निर्णय लिया गया कि कुछ एंकर के शो व कार्यक्रमों में हम भागीदार नहीं बनें। हमारे नेताओं के ख़िलाफ़ अनर्गल टिप्पणियां, फेक न्यूज़ से हम लड़ते आए हैं और लड़ते रहेंगे, लेकिन समाज में नफ़रत नहीं फैलने देंगे। मिटेगी नफ़रत, जीतेगी मुहब्बत।

हरदीप पुरी ने आपातकाल से की तुलना

भाजपा नेता एवं केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने विपक्षी दलों के गठबंधन के इस कदम की तुलना आपातकाल से की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, भारत में नागरिक स्वतंत्रता में कटौती का एकमात्र उदाहरण हमने 1975 में आपातकाल के दौरान देखा है। सनातन धर्म को खत्म करने के लिए खुला आह्वान, पत्रकारों के खिलाफ प्राथमिकी और मीडिया का बहिष्कार आपातकाल के उन अंधकारमय दिनों की राजनीति को दर्शाता है। आई.एन.डी.आई. एलायंस का असली चेहरा।

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कदम उनकी हताशा को दर्शाता है। राजस्थान के भीलवाड़ा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हर दिन कांग्रेस और उनके सहयोगियों के नेता कहते हैं कि वे सनातन धर्म को नष्ट कर देंगे और हिंदुओं का अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ते। अब उन्होंने पत्रकारों का भी बहिष्कार करना शुरू कर दिया है और मुकदमे दर्ज कर रहे हैं।

एनजेयू-एनबीडीए ने की आलोचना

इस बीच नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (एनयूजे) ने बहिष्कार को लोकतंत्र पर हमला करार दिया। एनयूजे ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने मीडिया का राजनीतिकरण किया है। इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स से जुड़े नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के अध्यक्ष रास बिहारी ने एक बयान में कहा कि विपक्षी दलों का यह फैसला भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में मीडिया पर दमन का एक काला अध्याय है।

न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन (एनबीडीए) ने विपक्षी गठबंधन द्वारा 14 एंकर के बहिष्कार के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि यह प्रेस की स्वतंत्रता को खतरे में डालता है और लोकतंत्र के लोकाचार के खिलाफ है। विपक्षी दलों के गठबंधन से निर्णय वापस लेने का आग्रह करते हुए एनबीडीए ने कहा कि वह इंडिया की मीडिया समिति के कुछ पत्रकारों/एंकरों के शो और कार्यक्रमों में अपने प्रतिनिधियों को नहीं भेजने के फैसले से व्यथित और चिंतित है।

एनबीडीए ने कहा, विपक्षी गठबंधन की मीडिया समिति के निर्णय ने एक खतरनाक मिसाल कायम की है। भारत की कुछ शीर्ष टीवी समाचार हस्तियों द्वारा संचालित टीवी समाचार शो में भाग लेने से विपक्षी गठबंधन के प्रतिनिधियों पर प्रतिबंध लोकतंत्र के लोकाचार के खिलाफ है। (भाषा इनपुट)

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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