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5वीं पीढ़ी का 2 से 3 स्क्वाड्रन खरीदना चाहती है IAF-सूत्र, अमेरिकी F-35, रूसी Su-57 हैं विकल्प

रक्षा सचिव आर.के. सिंह की अध्यक्षता वाली एक सशक्त समिति ने सेना की प्रतिरोधक क्षमता और तैयारियों को विशेष रूप से उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर मजबूत करने के लिए पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को शामिल करने की सिफारिश की है। भारत की ओर से पाचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को हासिल करने में रुचि दिखाई जा रही है।

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5वीं पीढ़ी का फाइटर जेट खरीदना चाहती है भारतीय वायु सेना। तस्वीर-Twitter

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Fifth-generation fighter jets: युद्ध के खतरे और अपनी सामरिक तैयारियों को मजबूती देने के लिए भारतीय वायु सेना (IAF) ने पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की खरीदने के लिए अपनी तलाश तेज कर दी है। समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि आईएएफ विदेश से पांचवी पीढ़ी के दो से तीन स्क्वॉड्रन खरीदने के बारे में सोच रही है। भारत के स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के मिलने तक ये विदेशी स्क्वाड्रन IAF की क्षमताओं को बनाकर रखेंगे।

दो से तीन स्क्वाड्रन खरीदने की चल रही बात

एएनआई के मुताबिक रक्षा सूत्रों ने बताया कि आईएएफ ने हाल ही में सरकार के समक्ष भविष्य की अपनी जरूरतों का जिक्र करते हुए विस्तार में अपना प्रेजेंटेशन दिया। आईएएफ ने बताया कि भारत को अपने दुश्मनों पर बढ़त रखने के लिए पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की जरूरत है। उन्होंने बताया कि आईएएफ दो से तीन स्क्वाड्रन (करीब 40 से 60 एयरक्राफ्ट) खरीदना चाहता है। ये स्क्वाड्रन AMCA के ऑपरेशनल होने तक वायु सेना में अपनी अभियानगत सेवा देते रहेंगे।

छठी पीढ़ी के फाइटर जेट पर काम कर रहा चीन

रक्षा सचिव आर.के. सिंह की अध्यक्षता वाली एक सशक्त समिति ने सेना की प्रतिरोधक क्षमता और तैयारियों को विशेष रूप से उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर मजबूत करने के लिए पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को शामिल करने की सिफारिश की है। भारत की ओर से पाचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को हासिल करने में रुचि दिखाई जा रही है, जबकि रिपोर्ट्स के अनुसार चीन पहले ही छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों पर काम कर रहा है और आने वाले वर्षों में वह अपने पाचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान पाकिस्तान वायुसेना को भी दे सकता है।

भारत के पास F-35,SU-57 दो विकल्प

भारत जिन दो देशों से संभावित रूप से पाचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान प्राप्त कर सकता है, वे हैं अमेरिका और रूस। हालांकि सरकार ने अभी तक पाचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है, लेकिन इस विषय पर चर्चा जारी है। अमेरिका ने भारत को एफ-35 लड़ाकू विमान की पेशकश की है, जबकि रूस ने अपने सुखोई-57 विमान का प्रस्ताव दिया है। भारत कई वर्ष पहले फिफ्थ जेनरेशन फाइटर एयरक्राफ्ट (FGFA) प्रोजेक्ट से बाहर हो गया था, लेकिन इसमें दोबारा शामिल होने का विकल्प अब भी खुला है।

पश्चिमी-उत्तरी सीमा पर मिल सकती है चुनौती

अमेरिका ने एफ-35 को यूरोप सहित कई अन्य देशों को बेचा है। भारत 114 अत्याधुनिक 4.5+ पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम के तहत किसी विदेशी देश के साथ साझेदारी में तैयार करने की योजना पर भी विचार कर रहा है, और इसके लिए सरकार-से-सरकार के सौदे की संभावना भी है। भारतीय वायुसेना इन विमानों का उपयोग पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर एक मजबूत प्रतिरोधक तंत्र तैयार करने के लिए करना चाहती है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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